
रायपुर न्यूज़ धमाका // भारत रत्न पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी की 97वीं जयंती के अवसर पर शनिवार को भाजपा प्रदेश मुख्यालय में कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस दौरान दीप कमल पत्रिका के अटल स्मृति विशेषांक का विमोचन किया गया। कार्यक्रम में वक्ताओं ने कहा कि अटल, अडिग, अद्वितीय, अद्भुत व सदा आधार स्तंभ रहेंगे।
इस मौके पर पूर्व मुख्यमंत्री डा. रमन सिंह ने कहा कि वाजपेयी जी की विनम्रता ही जीवन के वैचारिक विशालता के साथ हम सबको जोड़े रखा है। उन्होंने हमारे सपनों के छत्तीसगढ़ को गढ़ा। डा. रमन ने कहा कि प्रदेश में जब से कांग्रेस की सरकार सत्ता में आई है, अटल जी के उद्देश्यों पर अंकुश लगाया है। राज्य का विकास भी थम गया है। इस सरकार को करारा जवाब देकर हमें अटल जी के सपनों का छत्तीसगढ़ बनाना होगा। भाजपा प्रदेशाध्यक्ष विष्णुदेव साय ने कहा कि अटल जी के जीवन के संपूर्ण संदर्भों को किसी किताब में लाना कठिन है लेकिन दीपकमल की टीम ने उनकी सहजता को साहित्य के रूप में प्रस्तुत किया है। निश्चित ही यह अंक सबके लिए संग्रहणीय होगा।
राज्य निर्माण में योगदान को भुलाया नहीं जा सकता
नेता प्रतिपक्ष धरमलाल कौशिक ने कहा कि अटल जी सदैव छत्तीसगढ़ की भावनाओं को एक राज्य का स्वरूप देना चाहते थे इसलिए राज्य निर्माण में उनके योगदान को नहीं भुलाया जा सकता। विधायक व पूर्व मंत्री बृजमोहन अग्रवाल ने कहा कि त्याग तपस्या और शुचिता के सिद्धांत को अटल जी ने सार्वजनिक जीवन में स्थापित किया है। सांसद सुनील सोनी ने कहा कि अटल जी ने हमें विषम परिस्थितियों में कार्य के लिए तैयार किया है। हर परिस्थितियों में विजयध्वज के साथ चलने की प्रेरणा दी।
दीप कमल के संपादक सुभाष राव ने कहा कि पत्रिका के प्रकाशन का यह 19वां वर्ष है। यह पार्टी का मुखपत्र हमेशा की तरह कार्यकर्ताओं के बीच नवीन व प्रेरक विचारों को प्रसारित करता रहेगा। कार्यक्रम में राजीव चक्रवर्ती ने अटल बिहारी वाजपेयी के कविताओं का पाठ किया। प्रदेश मंत्री ओपी चैधरी ने आभार जताया।
कार्यक्रम के मुख्य वक्ता डा. शिव शक्ति बक्सी ने कहा कि देश में जो राजनीतिक परिस्थितियां एक समय निर्मित हुई थी, उसे लेकर पूर्व अनुमान सही था और हमारी विचारधारा को मजबूती प्रदान करते हुए अटल जी शून्य से शिखर तक संगठन को शिखर तक पहुचाने वालों में से रहे हैं। उनके सपनों को ही प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी पूर्ण करने में जुटे हुए हैं। राष्ट्र में नवचेनतना का जो महायज्ञ चल रहा है उसमें हम सबकी एक आहूति जरूरी है यही अटल जी को सधाी श्रद्धांजलि होगी।

