
रायपुर न्यूज धमाका – छत्तीसगढ़ और महाराष्ट्र की सीमा से सटे गढ़चिरौली जिले में बड़ा नक्सली सरेंडर सामने आया है।
1 करोड़ के इनामी नक्सली मल्लोजुल्ला वेणुगोपाल उर्फ भूपति उर्फ सोनू दादा समेत करीब 60 नक्सलियों ने आत्मसमर्पण किया है। इस सरेंडर पर छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने कहा —
“देश को मालूम है कि हम नक्सलवाद के खिलाफ मजबूती से लड़ रहे हैं। जवानों को लगातार सफलता मिल रही है। प्रधानमंत्री और गृह मंत्री ने मार्च 2026 तक नक्सलवाद समाप्त करने का संकल्प लिया है। हमें पूरा विश्वास है कि यह संकल्प पूरा होगा और छत्तीसगढ़ के विकास में जो अवरोध था, वह जल्द समाप्त होगा।”
भूपति का समर्पण और संगठन में मची खलबली
जानकारी के मुताबिक, भूपति ने कुछ दिन पहले प्रेस के नाम पत्र जारी कर सरकार से शांति वार्ता की अपील की थी। इसके बाद नक्सली संगठन में असंतोष फैल गया।
बताया जा रहा है कि संगठन ने PLGA को भूपति और उसके साथियों से हथियार छीनने के निर्देश दिए थे, जिससे उसकी जान को खतरा था। इसी बीच उसके आत्मसमर्पण की पुष्टि हुई है।
भूपति की उम्र लगभग 70 वर्ष है और वह नक्सली संगठन का पोलित ब्यूरो सदस्य, सेंट्रल कमेटी सदस्य, सीआरबी सचिव और भाकपा (माओवादी) का प्रवक्ता रह चुका है।
वह तेलंगाना के करीमनगर जिले के पेद्दापल्ली गांव का निवासी है। उसके पास से AK-47 राइफल बरामद हुई है और उस पर 1 करोड़ रुपये का इनाम घोषित था।
बस्तर में भाजपा नेता की हत्या से सनसनी
इधर मंगलवार को ही छत्तीसगढ़ के बीजापुर जिले के मद्देड़ क्षेत्र में नक्सलियों ने भाजपा नेता पूनेम सत्यम की हत्या कर दी।
नक्सलियों ने मुखबिरी का आरोप लगाते हुए उनकी निर्दयतापूर्वक हत्या की और शव के पास एक पर्चा भी फेंका, जिसमें कई गंभीर आरोप लगाए गए हैं।
पर्चे में लिखा गया —
“भाजपा और आरएसएस की सरकार ने मार्च 2026 तक माओवादी पार्टी के खात्मे का लक्ष्य रखा है। इसी कारण गांव-गांव में भाजपा संगठन मजबूत किया जा रहा है और पुलिस मुखबिरी का तंत्र तैयार किया जा रहा है।”
नक्सलियों ने दावा किया कि पूनेम सत्यम को 2016 से कई बार चेतावनी दी गई थी, लेकिन उसने “सरकार के लिए मुखबिरी” जारी रखी, जिसके चलते उसे मौत की सजा दी गई।
सरकार की चुनौती – नक्सलवाद के खिलाफ निर्णायक मोड़
राज्य सरकार का दावा है कि पिछले एक वर्ष में 200 से अधिक नक्सलियों ने आत्मसमर्पण किया है, और सुरक्षा बलों को लगातार बड़ी सफलताएँ मिल रही हैं।
मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने कहा कि नक्सलवाद अब अपने अंतिम चरण में है और बस्तर में विकास और विश्वास की धारा तेजी से आगे बढ़ रही है।
