
12 अगस्त 2026 //
पेंड्रा न्यूज़ धमाका – पेंड्रा रोड रेलवे स्टेशन के कटनी छोर पर स्थित गोरखपुर रेलवे फाटक इन दिनों लोगों के लिए बड़ी परेशानी बन गया है, लंबे समय तक फाटक बंद रहने से दोनों ओर वाहनों की कतार लग जाती है।
पेंड्रारोड रेलवे स्टेशन के कटनी छोर पर स्थित गोरखपुर रेलवे फाटक इन दिनों लोगों के लिए बड़ी परेशानी बन गया है। ट्रेनों के गुजरने के दौरान लंबे समय तक फाटक बंद रहने से दोनों ओर वाहनों की कतार लग जाती है। सबसे गंभीर स्थिति तब बनती है, जब इस जाम में मरीजों को लेकर जा रही एंबुलेंस भी फंस जाती है
आपात स्थिति में भी नहीं मिल रहा रास्ता
हाल ही में एक मरीज को लेकर जा रही एंबुलेंस को फाटक बंद होने के कारण काफी देर तक इंतजार करना पड़ा। मरीज की गंभीर स्थिति के बावजूद एंबुलेंस आगे नहीं बढ़ सकी। इस घटना के बाद स्थानीय लोगों में नाराजगी है और रेलवे की व्यवस्था को लेकर सवाल उठ रहे हैं।

एमपी-छत्तीसगढ़ को जोड़ने वाला महत्वपूर्ण मार्ग
गोरखपुर रेलवे फाटक का रास्ता छत्तीसगढ़ और मध्यप्रदेश के बीच आवागमन का महत्वपूर्ण माध्यम है। रोजाना बड़ी संख्या में लोग इस मार्ग का इस्तेमाल करते हैं। आसपास के स्कूल-कॉलेजों में जाने वाले विद्यार्थियों के साथ ट्राइबल यूनिवर्सिटी सहित अन्य शिक्षण संस्थानों तक पहुंचने वाले लोगों को भी फाटक बंद होने से परेशानी होती है।
वहीं जिला अस्पताल और प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र की ओर जाने वाले मरीजों एवं उनके परिजनों के लिए भी यह मार्ग काफी अहम है। ऐसे में फाटक के लंबे समय तक बंद रहने से सामान्य आवागमन के साथ आपात सेवाएं भी प्रभावित हो रही हैं।
कई बार उठी अंडरब्रिज-ओवरब्रिज की मांग
स्थानीय नागरिकों के मुताबिक रेलवे फाटक पर लगने वाला जाम और लंबे इंतजार की समस्या पुरानी है। इस समस्या से स्थायी निजात दिलाने के लिए रेलवे प्रशासन के समक्ष कई बार अंडरब्रिज या ओवरब्रिज बनाने की मांग रखी जा चुकी है, लेकिन अभी तक इस दिशा में ठोस कार्रवाई नहीं हो पाई है।
स्थायी समाधान की मांग
लोगों का कहना है कि रोजाना सैकड़ों लोगों का समय फाटक खुलने के इंतजार में बर्बाद होता है। बुजुर्गों, विद्यार्थियों, मरीजों और आपातकालीन वाहनों को सबसे ज्यादा परेशानी झेलनी पड़ती है। स्थानीय नागरिकों ने रेलवे प्रशासन से मामले को गंभीरता से लेते हुए जल्द अंडरब्रिज या ओवरब्रिज निर्माण की प्रक्रिया शुरू करने की मांग की है।
लोगों का कहना है कि रेलवे के लिए यह एक सामान्य रेलवे क्रॉसिंग हो सकती है, लेकिन क्षेत्रवासियों के लिए यही रास्ता अस्पताल, शिक्षण संस्थानों और दूसरे राज्यों तक पहुंचने का प्रमुख माध्यम है। ऐसे में इसका स्थायी समाधान अब जरूरी हो गया है।



