
11 अगस्त 2026 //
रायपुर न्यूज़ धमाका – राज्य महिला आयोग की सुनावाई के दौरान ईएसआईसी हॉस्पिटल की 13 नर्सों ने शिकायत की है। उनकी आधी सैलरी प्लेसमेंट एजेंसी के लोग निकाल लेते हैं।
छत्तीसगढ़ राज्य महिला आयोग में ईएसआईसी हॉस्पिटल में कार्यरत 13 नर्सों ने आरोप लगाते हुए शिकायत की है कि हर महीने उनकी सैलरी की राशि खाते में आते ही प्लेसमेंट एजेंसी द्वारा सैलरी की आधी रकम आहरित कर ली जाती है। नर्सों ने शिकायत में यह भी बताया है कि एजेंसी के कर्मचारियों के पास उनके बैंक खाते की पासबुक, चेकबुक तथा एटीएम है। इसके जरिए उनकी आधी सैलरी निकाली जा रही है।
छत्तीसगढ़ राज्य महिला आयोग में ईएसआईसी हॉस्पिटल में कार्यरत 13 नर्सों ने आरोप लगाते हुए शिकायत की है कि हर महीने उनकी सैलरी की राशि खाते में आते ही प्लेसमेंट एजेंसी द्वारा सैलरी की आधी रकम आहरित कर ली जाती है। नर्सों ने शिकायत में यह भी बताया है कि एजेंसी के कर्मचारियों के पास उनके बैंक खाते की पासबुक, चेकबुक तथा एटीएम है। इसके जरिए उनकी आधी सैलरी निकाली जा रही है।
40 से 48 हजार रुपए निर्धारित है सैलरी
सभी नर्सों ने आयोग को सुनवाई के दौरान जानकारी दी कि, एजेंसी के माध्यम से ही सभी की हास्पिटल में नियुक्ति हुई है। नियुक्ति में प्रतिमाह 40 से 48 हजार रुपए सैलरी निर्धारित है, लेकिन जैसे ही सैलरी उनके बैंक खाते में आती है, उसमें से आधी राशि एजेंसी के मालिक, ठेकेदार और कर्मचारियों द्वारा आहरित कर ली जा रही है।
हॉस्पिटल-बैंक की मिलीभगत
नर्सों ने बताया कि उन सभी के डीडीनगर स्थित यूको बैंक में खाते खुलवाए गए हैं। हॉस्पिटल से मिलने वाली सैलरी भी इसी बैंक खाते में आती है, लेकिन जब खाते खुलवाए गए थे, उनकी पासबुक, एटीएम एवं चेकबुक को एजेंसी ने अपने पास रख लिया। नर्सों ने आरोप लगाया है कि एजेंसी के मालिक-ठेकेदार के साथ हॉस्पिटल एवं बैंक के अधिकारी भी मिले हुए हैं. जिससे उनके खाते से आधी सैलरी का आहरण कर लिया जा रहा है।
अनावेदक नहीं पहुंचे सुनवाई में, एफआईआर के निर्देश
इस मामले में अब तक जितनी सुनवाई हुई है, उसमें अनावेदकों में से कोई भी नहीं पहुंचा है। आयोग ने इसे देखते हुए सभी नर्सों को अनावेदकों के विरुद्ध एफआईआर कराने के निर्देश दिए हैं। आयोग ने आश्वासन दिया है कि एफआईआर कराने में उनकी मदद की जाएगी।



