
रायपुर न्यूज़ धमाका /// पाकिस्तान से खातों में आने वाली रकम भारत के आतंकियों को ट्रांसफर करने यानी आतंकी फंडिंग मामले में बुधवार को रायपुर जिला न्यायालय केचतुर्थ अपर सत्र न्यायाधीश अजय सिंह राजपूत ने आतंकी संगठन सिमी और इंडियन मुजाहिद्दीन से जुड़े चार दोषियों धीरज साव, जुबैर हुसैन, आयशा बानो और पप्पू मंडल को 10-10 साल कैदकी सजा सुनाई है। जबकि सुखेन हलधर को साक्ष्य के अभाव में बरी कर दिया गया। राजधानी केखमतराई थाने में दिसंबर 2013 में इनके खिलाफ मामला दर्ज कर धीरज को गिरफ्तार किया गया था। उसी से पूछताछ के आधार पर अन्य को गिरफ्तार किया गया था। उसी समय से सभी रायपुर केंद्रीय जेल में बंद हैं।
पुलिस के मुताबिक दिसंबर 2013 में धीरज साव (21) निवासी छुट्टू जिला जमुई बिहार को रायपुर में खतराई पुलिस ने संजय तिवारी की सूचना केआधार पर गिरफ्तार किया था। धीरज दो वर्षों से रायपुर में रहकर वालिया कांप्लेक्स नूरानी चौक राजातालाब के पास अंडा-चिकन का ठेला लगाता था। पुलिस की पूछताछ में उसने बताया कि वह पाकिस्तान के खालिद नामक आतंकी के संपर्क में है। खालिद के कहने पर आइसीआइसीआइ बैंक की रायपुर के सरस्वती नगर शाखा में खाता खुलवाया था। इसके बाद उसके अकाउंट में पैसे ट्रांसफर होते रहे। इसमें से वह 13 फीसद कमीशन काटकर बाकि पैसे जुबैर हुसैन, आयशा बानो, राजू खान समेत अन्य के खाते में डाल देता था। यह सभी सिमी और इंडियन मुजाहिद्दीन के सदस्य हैं। बाद में यह खाता बंद करवा दिया गया।
इसके बाद धीरज ने खालिद ने कहने पर नया खाता बिहार के जुमई जिले में आइसीआइसीआइ बैंक में खाता खुलवाया। इस बीच धीरज दिल्ली गया और वहां अपने मौसेरे भाई श्रवण मंडल के कहने पर करीब 12 लाख रुपये जुबैर हुसैन और आयशा बानो के खाते में ट्रांसफर किया। श्रवण ने अपने करीबी प्रदीप और चुकेन हलधर के खाते में भी पैसे डलवाएं, ताकि उसे आतंकियों तक पहुंचा सके। खालिद लगातार अलग-अलग खातों में पैसे डलवाता रहा। आखिरी बार 35 हजार रुपये जुमई बैंक के खाते से खालिद ने पैसे डलवाए। बाद में पकड़े जाने के डर इस खाते को भी ब्लाक करा दिया गया।
ऐसे हुई जुबैर और आयशा की गिरफ्तारी
पुलिस ने बताया कि आरोपित धीरज से पूछताछ केबाद जुबैर हुसैन (42) मजेटी जिला मंगलोर कर्नाटक, आयशा बानो (39) पुत्री जुबैर जिला मंगलोर कर्नाटक, सुखेन हलधर (28) पुत्र हरीपद हलधर दुर्गापुर बंगाल, पप्पू मंडल (30) ग्राम छुट्टू अंचल जिला जमुई बिहार की गिरफ्तारी की गई। सभी रायपुर की सेंट्रल जेल में रखे गए थे। सभी सिमी और इंडियन मुजाहिद्दीन केसदस्यों के अकाउंट में पैसे भेजने का काम करते थे। पुलिस को जांच केदौरान तीनों केखाते से करीब तीन करोड़ केट्रांसजेक्शन की जानकारी मिली। तलाशी केदौरान पुलिस को धीरज केघर से 40 से अधिक बैंक खाते मिले। इसमें कर्नाटक, दिल्ली, तमिलनाडु, कश्मीर और असम से भी पैसे जमा किए थे। वहीं आंतकी संगठन से जुड़े मेल आइडी व अन्य दस्तावेज बरामद किए गए।
अदालत ने धीरज को भारतीय दंड सहिता धारा 317 के तहत एक वर्ष कारावास और 500 रुपये जुर्माना, धारा-17 अधिनियम-1967, धारा-40(1) केतहत पुन: 10-10 वर्ष कारावास और 500-500 रुपये जुर्माने की सजा सुनाई। इसी तरह जुबैर हुसैन को धारा-17 अधिनियम-1967, धारा-40(1) (ख), धारा-40(1)(ग), धारा-17 के तहत 10-10 वर्ष कारावास और 500-500 रुपये जुर्माना, आयशाबानो को धारा-17, धारा-40(1)(ख), धारा-40(1)(ग) के तहत 10-10 वर्ष कारावास और 500-500 रुपये जुर्माना और वहीं पप्पू मंडल को भी इन्हीं धाराओं के तहत 10-10 वर्ष कारावास व 500-500 रुपये की सजा सुनाई गई है। वहीं पुख्ता सबूत न मिलने पर सुखेन हलधर को बरी कर दिया गया है। दोषियों की सभी सजाएं एक साथ चलेगी
