इंदौर

कपास के खेत में गांजे की खेतीः इंदौर पुलिस ने खरगोन जिले में 30 लाख रुपए के 3 क्विंटल गांजे की फसल को किया जब्त, दो गिरफ्तार

इंदौर न्यूज़ धमाका // इंदौर पुलिस ने कपास फसल के बीच गांजे की खेती करने का भंडाफोड़ किया है। पुलिस ने ग्राम बडकी चौकी (खरगोन जिला) में कार्रवाई करते हुए  30 लाख रुपए के 3 क्विंटल गांजे की फसल को जब्त किया है। वहीं मामले में दो लोगों को गिरफ्तार किया है। आरोपियों के खिलाफ थाना तेजाजीनगर में एनडीपीएस एक्ट के तहत मामला दर्ज कर आगे की कार्रवाई की जा रही है। 

दरअसल इंदौर पुलिस आयुक्त हरिनारायण चारी मिश्र ने इंदौर शहर में नशाखोरी की लत पर अंकुश लगाने और नशा कर अपराध करने की की वारदातों पर अंकुश लगाने के खिलाफ अभियान चलाया हुआ है। बुधवार को तेजाजीनगर पुलिस को मुखबिर से सूचना मिली की दो लोग बाइक पर गांजा लेकर सिमरोल से तेजाजीनगर की तरफ से आ रहे है।

मुखबिर की सूचना पर पुलिस बताए स्थान पर सघन चेकिंग अभियान चला रही थी। इसी दौरान बाइक क्रमांक- MP 09 XA 1324  से आते दो लोग दिखे। पुलिस ने दोनों को पकड़कर पूछताछ की। दोनों ने अपना नाम रामदास मालीवाड पिता मुन्नालाल मालीवाड, निवासी ग्राम मेंडल थाना सिमरोल (इंदौर) और  राहुल बारिया पिता भगवानसिंह बारिया निवासी निवासी ग्राम मेंडल थाना सिमरोल इंदौर होना बताया। बदमाशों की तलाशी लेने पर 4 किलो 200 ग्राम गांजा मिला।

आरोपियों ने पूछताछ में खरगोन जिले के बलवाड़ा थाना क्षेत्र के ग्राम बड़की चौकी में गांजे की खेती करना स्वीकार किया। आरोपी को बताए जगह पर पहुंची तो उसकी आंखें फटी की फटी रह गई। दरअसल  कपास फसल के बीच में गांजे की खेती की जा वही थी। जिसके बाद पुलिस ने मौके पर पहुँचकर आरोपी किसान के खेत से 130 हरे गांजे के पौधे जब्त कर नष्ट कर दिया। नष्ट गांजे का वजन करीब 3 क्विंटल था। गांजे की कीमत अंतरराष्ट्रीय बाजार में 30 लाख रुपए है। पुलिस आरोपी से पूछताछ कर इनके नेटवर्क का पता लगा रही है। बलवाड़ा पुलिस को पूरा गांजा सौंपा गया है।

Chhattisgarh News Dhamaka Team

अमन चीफ एडिटर - छत्तीसगढ़ न्यूज़ धमाका // प्रदेश उपाध्यक्ष, छग जर्नलिस्ट वेलफेयर यूनियन छत्तीसगढ // ; हरिभूमि ब्यूरो चीफ जिला कोंडागांव // 18 सालो से पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय। विश्वसनीय, सृजनात्मक व सकारात्मक पत्रकारिता में विशेष रूचि। कृषि, वन, शिक्षा; जन जागरूकता के क्षेत्र की खबरों को हमेशा प्राथमिकता। जनहित के समाचारों के लिये तत्परता व् समर्पण// जरूरतमंद अनजाने की भी मदद कर देना पहली प्राथमिकता

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