रायपुरछत्तीसगढ

कैट ने वैष्णव से एक मजबूत डेटा संरक्षण कानून की मांग उठाई

संवाददाता :- सागर बत्रा रायपुर
रायपुर,न्यूज धमाका :- कन्फेडरेशन ऑफ ऑल इंडिया ट्रेडर्स (कैट) के राष्ट्रीय वरिष्ठ उपाध्यक्ष अमर पारवानी,प्रदेश अध्यक्ष जितेन्द्र दोशी,कार्यकारी अध्यक्ष विक्रम सिंहदेव,परमानन्द जैन,महामंत्री सुरिन्द्रर सिंह ने बताया कि डिजिटल डेटा संरक्षण कानून, 2022 पर टिप्पणी करते हुए, केंद्रीय आईटी मंत्री अश्विनी वैष्णव को भेजे गए ।

पत्र में कन्फेडरेशन ऑफ ऑल इंडिया ट्रेडर्स (कैट) ने डेटा सुरक्षा नियमों की आवश्यकता की पुरजोर वकालत की है ताकि यह सुनिश्चित किया जा सके कि भारतीय खुदरा और ई-कॉमर्स क्षेत्र बड़ी तकनीकी कंपनियों के डेटा संग्रह और प्रसंस्करण गतिविधियों से नकारात्मक रूप से प्रभावित न हो कैट ने आरोप लगाया कि ये बड़ी कंपनियां स्थानीय व्यापारियों और खुदरा विक्रेताओं के व्यापार पर कब्जा करने के लिए भारतीय उपभोक्ताओं के व्यक्तिगत डेटा का दुरुपयोग करती हैं और इसलिए डेटा की सुरक्षा और भी आवश्यक है कैट के राष्ट्रीय वरिष्ठ उपाध्यक्ष अमर पारवानी और प्रदेश अध्यक्ष जितेन्द्र दोशी ने कहा कि लोगों के डेटा का दुरुपयोग न हो,

विशेष रूप से टेक्नोलॉजी कंपनिया द्वारा व्यक्तिगत डेटा के अंतहीन और अनियंत्रित इस्तेमाल से सुरक्षित हो और यह सुनिश्चित करने के लिए देश के बाहर डेटा भेजने पर प्रतिबंध लगाना आवश्यक है टेक्नोलॉजी वाली विदेशी बड़ी कंपनिया विश्व भर से डेटा एकत्रित कर उसका दुरुपयोग करती है, और लागत से भी कम मूल्य पर माल बेच कर स्थानीय क्षेत्रों और उनकी अर्थव्यवस्थाओं की कीमत पर खुद मोटा मुनाफा कमाती है ये कंपनियां अपने खुद के पसंद विक्रेताओं और सेवा प्रदाताओं के एक जटिल जाल के जरिये ग्राहकों के व्यक्तिगत डेटा का दुरुपयोग करके लाभ कमाते है,ये सीधे तौर पर अपने चहिते विक्रेताओं को कम या बिना कमीशन शुल्क के अनेक सुविधाएं देते है जबकि अन्य विक्रेताओं से पूरा कमीशन लेते हैं इससे उनके चहेते विक्रेता स्थानीय उद्यमियों के जरिये कम दामो पर माल बेचते है।

जो कि अनुचित प्रतिस्पर्धा है पारवानी और दोशी ने कहा कि प्रस्तावित कानून को यह भी स्पष्ट करना चाहिए कि क्षेत्रीय नियमों और विनियमों के साथ संघर्ष की स्थिति में, जैसे कि आरबीआई डेटा स्थानीयकरण जनादेश के मामले में, प्रस्तावित व्यक्तिगत डेटा संरक्षण कानून को इसके अतिरिक्त पढ़ा जाना चाहिए न कि क्षेत्रीय नियमो द्वारा स्थापित मौजूदा नियमों और ढांचे को नकारात्मक तरीके से प्रभावित किया जाना चाहिए।

दोनों व्यापारी नेताओं ने आगे कहा कि संशोधित कानून ने व्यक्तिगत डेटा के पिछले वर्गीकरण को महत्वपूर्ण और संवेदनशील व्यक्तिगत डेटा की श्रेणी से ये कह कर हटा दिया है,की ये एक व्यापक परिभाषा है यह परिवर्तन संवेदनशील जानकारी के दुरुपयोग और उल्लंघन के साथ होने वाली हानि की अनुपातहीन क्षमता को अनदेखा करता है डेटा न्यासी और प्रोसेसर द्वारा दुरुपयोग को रोकने के लिए संवेदनशील उपयोगकर्ता डेटा को अतिरिक्त सुरक्षा उपाय प्रदान किए जाने चाहिए।

Chhattisgarh News Dhamaka Team

अमन चीफ एडिटर - छत्तीसगढ़ न्यूज़ धमाका // प्रदेश उपाध्यक्ष, छग जर्नलिस्ट वेलफेयर यूनियन छत्तीसगढ // ; हरिभूमि ब्यूरो चीफ जिला कोंडागांव // 18 सालो से पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय। विश्वसनीय, सृजनात्मक व सकारात्मक पत्रकारिता में विशेष रूचि। कृषि, वन, शिक्षा; जन जागरूकता के क्षेत्र की खबरों को हमेशा प्राथमिकता। जनहित के समाचारों के लिये तत्परता व् समर्पण// जरूरतमंद अनजाने की भी मदद कर देना पहली प्राथमिकता

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button
error: Content is protected !!