
27 अगस्त 2026 //
रायपुर न्यूज़ धमाका – छत्तीसगढ़ वन विभाग में 1484 वनरक्षक पदों की भर्ती के लिए लिखित परीक्षा 13 दिसंबर 2026 को होगी। शारीरिक परीक्षा पास 16,762 अभ्यर्थी परीक्षा में शामिल होंगे।
छत्तीसगढ़ वन विभाग में वनरक्षक के 1484 रिक्त पदों पर भर्ती प्रक्रिया अब आगे बढ़ गई है। विभाग ने लिखित परीक्षा की तारीख तय कर दी है। भर्ती परीक्षा 13 दिसंबर 2026 को आयोजित की जाएगी। शारीरिक मापदंड और दक्षता परीक्षा में सफल 16,762 अभ्यर्थी अब लिखित परीक्षा में शामिल होंगे।
वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्री केदार कश्यप के निर्देश और भर्ती प्रक्रिया की समीक्षा के बाद परीक्षा की तारीख निर्धारित की गई है। विभाग की ओर से लंबित प्रक्रियाओं को पूरा करने के बाद अब लिखित परीक्षा की तैयारियां शुरू कर दी गई हैं।
हजारों युवाओं का इंतजार होगा खत्म
वन मंत्री केदार कश्यप ने कहा कि प्रदेश के हजारों युवा लंबे समय से वनरक्षक भर्ती का इंतजार कर रहे हैं। परीक्षा की तारीख तय होने से अभ्यर्थियों को तैयारी के लिए स्पष्ट समयसीमा मिल गई है। उन्होंने कहा कि सरकार की कोशिश है कि भर्ती प्रक्रिया निर्धारित समय में पूरी हो और योग्य युवाओं को जल्द रोजगार का अवसर मिले। मंत्री ने कहा कि वनरक्षक की जिम्मेदारी केवल नौकरी तक सीमित नहीं है। वे प्रदेश के जंगलों, वन्यजीवों और जैव विविधता की सुरक्षा में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।
जंगलों की सुरक्षा में अहम भूमिका निभाते हैं वनरक्षक
वन विभाग की मैदानी व्यवस्था में वनरक्षकों की भूमिका बेहद महत्वपूर्ण मानी जाती है। वन क्षेत्र की निगरानी, अवैध कटाई पर रोक, वन अपराधों की जानकारी और वन्यजीवों की सुरक्षा के साथ स्थानीय ग्रामीणों से समन्वय जैसे कई महत्वपूर्ण कार्य वनरक्षकों के जिम्मे होते हैं। खासकर प्रदेश के उन क्षेत्रों में जहां पहले नक्सल गतिविधियों के कारण वन प्रबंधन प्रभावित रहा है, वहां शांति और विकास का दायरा बढ़ने के साथ विभागीय गतिविधियों को भी विस्तार मिल रहा है। ऐसे में नए वनरक्षकों की नियुक्ति से मैदानी अमला और मजबूत होने की उम्मीद है।
पारदर्शी तरीके से होगी भर्ती
मंत्री केदार कश्यप ने कहा कि पूरी चयन प्रक्रिया निष्पक्ष, पारदर्शी और मेरिट के आधार पर होगी। सभी पात्र अभ्यर्थियों को समान अवसर देने की बात कही गई है। परीक्षा के दौरान सुरक्षा और निर्धारित नियमों का पालन सुनिश्चित किया जाएगा। 1484 पदों पर भर्ती पूरी होने के बाद वन विभाग की मैदानी टीम को मजबूती मिलेगी। इससे वन संरक्षण, वन्यजीवों की सुरक्षा, जैव विविधता को बचाने और वन अपराधों पर नियंत्रण के काम को गति मिलने की उम्मीद है।



