
11 सितम्बर 2026 //
रायपुर न्यूज़ धमाका – खाद्य तेलों में कम वजन वाले पाउच बनाने पर प्रतिबंध से पहले ही कंपनियों ने खेल कर दिया है।
खाद्य तेलों में कम वजन वाले पाउच बनाने पर प्रतिबंध से पहले ही कंपनियों ने खेल कर दिया है। त्योहारी सीजन में मुनाफाखोरी के लिए भारी मात्रा में कम वजन वाले पाउच का बाजार में स्टॉक कर दिए गए हैं। ऐसे में अभी उपभोक्ताओं को लंबे समय तक इसमें राहत मिलने वाली नहीं है। यही नहीं, कुछ कंपनियों ने जहां एक लीटर वाले पाउच की सप्लाई प्रारंभ नहीं की है, वहीं कुछ कंपनियां बहुत कम सप्लाई कर रही हैं, ताकि कम वजन वाले पाउच ही बेचे जा सकें।
खाद्य तेलों में पहले सभी कंपनियों के एक लीटर के ही पाउच आते थे। वहीं पांच लीटर का डिब्बा, 15 लीटर तथा 15 किलो तेल टिन में आता है, लेकिन जो गरीब परिवार एक लीटर का पाउच नहीं ले पाते, उनको राहत देने के लिए तेल उत्पादक कंपनियों को कम वजन के पाउच बनाने की छूट दी गई थी, ताकि गरीब परिवार अपने बजट के हिसाब से कम वजन वाले तेल के पाउच लेकर अपना काम चला सकें।
छूट में होने लगी लूट
केंद्र सरकार ने तो गरीब परिवारों को राहत देने के लिए खाद्य तेलों के पाउच किसी भी वजन में बनाने की छूट दी थी, लेकिन इस छूट में कई कंपनियां लूट करने लगीं। छूट मिलने के बाद इसके पैक अलग-अलग कंपनियां अपनी मर्जी से कर रही थीं तो इसमें कीमत का खेल हो रहा था। कम वजन के कारण दाम ज्यादा देने पड़ रहे थे। एक उदाहरण हरेली तेल का ही लेते हैं। इस तेल के दाम हमेशा कीर्ति गोल्ड के सोया तेल से कम से कम पांच रुपए कम रहते हैं, लेकिन कम वजन के कारण इसके दाम उससे ज्यादा हो गए हैं। इसके पीछे वजन का खेल है।
कीर्ति गोल्ड से भी महंगे हुए ‘हरेली’ तेल के दाम
हरेली ने एक लीटर का पैक ही बंद कर दिया। एक लीटर के स्थान पर 730 ग्राम यानी 800 एमएल का पैक लाया गया। इसके चिल्हर में दाम पहले 124-125 रुपए थे। बाद में इसके पहले 124-125 रुपए थे। बाद में इसके दाम 126 से 128 रुपए किए गए। अब जबकि कम वजन वाले पाउच पर प्रतिबंध लग गया है तो प्रतिबंध से पहले ही इसके दाम चिल्हर में 132 रुपए कर दिए गए हैं, यानी एक लीटर के दाम हो गए 165 रुपए। इतने दाम तो कीर्ति गोल्ड के भी नहीं हैं। कीर्ति गोल्ड एक लीटर का इस समय थोक में 150 रुपए और चिल्हर में 155 रुपए बिक रहा है।



