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दो कमार बच्चे बनेंगे डॉक्टर : पहले राउंड की काउंसिलिंग में ही कॉलेज एलाट

26 अगस्त 2026 //

छुरा न्यूज़ धमाका – विषम परिस्थितियों और कठिन चुनौतियों को पीछे छोड़ते हुए छत्तीसगढ़ की विशेष पिछड़ी जनजाति (कमार) के दो होनहारों ने डॉक्टर बनने की दिशा में कदम बढ़ा दिए हैं।

चिकित्सा शिक्षा संचालनालय, छत्तीसगढ़ द्वारा नीट स्कोर के आधार पर घोषित प्रथम राउंड की काउंसलिंग में एकलव्य मॉडल आवासीय विद्यालय, कोसमबुड़ा (छुरा) गरियाबंद के दो विशेष पिछड़ी जनजाति वर्ग (कमार) के विद्यार्थियों नम्रता और नोकेश्वर राम को एमबीबीएस पाठ्यक्रम में सीट आवंटित हुई है। नम्रता का चयन जवाहरलाल नेहरू शासकीय मेडिकल कॉलेज, रायपुर में हुआ है, जबकि नोकेश्वर राम को शासकीय मेडिकल कॉलेज, महासमुंद में सीट प्राप्त हुई है।

उल्लेखनीय है कि, इस वर्ष विद्यालय के जीव विज्ञान वर्ग के 23 विद्यार्थियों में से 15 विद्यार्थियों ने नीट परीक्षा उत्तीर्ण की है। इसके अतिरिक्त जे ई मेंस, नर्सिंग एवं बी. फार्मा जैसी प्रतियोगी परीक्षाओं में भी विद्यालय के बड़ी संख्या में विद्यार्थियों का चयन हुआ है। कक्षा 6वीं से 12वीं तक इसी विद्यालय में पढ़ने वाली नम्रता ने अपने चयन पर प्रसन्नता व्यक्त करते हुए कहा कि उन्हें मानसिक शांति और अत्यंत संतोष की अनुभूति हुई है। उन्होंने अपनी सफलता का श्रेय प्राचार्य के मार्गदर्शन, शिक्षकों के सतत सहयोग और माता-पिता के प्रोत्साहन को दिया।

आईआईटी कानपुर के मॉक टेस्ट और खास देखभाल

तैयारी की रणनीति साझा करते हुए नम्रता ने बताया कि, 12वीं बोर्ड परीक्षा के पश्चात जीव विज्ञान वर्ग के सभी 23 विद्यार्थियों को विद्यालय के छात्रावास में ही ठहराकर विशेष तैयारी कराई गई। दिन के प्रथम सत्र में स्मार्ट बोर्ड के माध्यम से भौतिकी, रसायन शास्त्र और जीव विज्ञान की ऑनलाइन कक्षाएं संचालित की गईं। इसके पश्चात विद्यार्थी संबंधित पुस्तकों और कक्षा-नोट्स का अध्ययन करते थे। शाम को आईआईटी कानपुर द्वारा निःशुल्क उपलब्ध कराए गए मॉक टेस्ट का अभ्यास आईपैड के माध्यम से कराया गया। गर्मी से राहत हेतु छात्रावास के कक्षों में कूलर लगाए गए तथा नियमित अंतराल पर शरबत एवं ग्लूकोज भी दिया जाता रहा। प्राचार्य प्रतिदिन शाम को विद्यार्थियों से संवाद कर उनका उत्साहवर्धन करते थे। यह गहन तैयारी अभियान लगातार 50 दिनों तक चला।

खुशी के आंसू कांपने लगे हाथ

महासमुंद में एमबीबीएस के लिए चयनित नोकेश्वर राम ने बताया कि,  चयन की सूचना मिलने पर वे पहले तो विश्वास ही नहीं कर पाए, हाथ कांपने लगे और आंखों में खुशी के आंसू आ गए। उन्होंने सबसे पहले यह सुखद समाचार अपनी माँ को दिया। उन्होंने कहा कि यह सीट केवल उनकी नहीं, बल्कि सभी की सामूहिक मेहनत का परिणाम है। उन्हें विद्यालय का सहयोग सदैव मिला, प्राचार्य एवं शिक्षकों ने रात-दिन मार्गदर्शन दिया, और परिवार का प्रोत्साहन सतत बना रहा।

प्राचार्य बोले-आदिवासी समुदाय में प्रतिभा की कमी नहीं

विद्यालय के प्राचार्य डॉ. कमलाकांत यादव ने इस उपलब्धि पर हर्ष व्यक्त करते हुए कहा कि, अत्यंत पिछड़े आदिवासी समुदाय से आने वाले इन विद्यार्थियों की यह सफलता इस बात का प्रमाण है कि प्रतिभा की कोई कमी नहीं है। आवश्यकता केवल सही अवसर, उचित मार्गदर्शन और संसाधनों तक पहुंच सुनिश्चित करने की है।

Chhattisgarh News Dhamaka Team

अमन चीफ एडिटर - छत्तीसगढ़ न्यूज़ धमाका // प्रदेश उपाध्यक्ष, छग जर्नलिस्ट वेलफेयर यूनियन छत्तीसगढ // ; हरिभूमि ब्यूरो चीफ जिला कोंडागांव // 18 सालो से पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय। विश्वसनीय, सृजनात्मक व सकारात्मक पत्रकारिता में विशेष रूचि। कृषि, वन, शिक्षा; जन जागरूकता के क्षेत्र की खबरों को हमेशा प्राथमिकता। जनहित के समाचारों के लिये तत्परता व् समर्पण// जरूरतमंद अनजाने की भी मदद कर देना पहली प्राथमिकता

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