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पंचकूला नगर निगम बैंक घोटाला: ED की बड़ी कार्रवाई,  131.13 करोड़ की संपत्ति जब्त, 9 आरोपियों पर मनी लॉन्ड्रिंग केस 

06 अगस्त 2026 //

पंचकूला न्यूज़ धमाका – कोटक महिंद्रा बैंक के तत्कालीन डिप्टी वाइस प्रेसिडेंट पुष्पिंदर सिंह, बैंक कर्मचारी दिलीप राघव और नगर निगम अधिकारी विकास कौशिक ने कथित मिलीभगत से फर्जी दस्तावेजों के आधार पर MC पंचकूला के नाम पर दो अनधिकृत (फर्जी) बैंक खाते खोले

प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) की चंडीगढ़ जोनल इकाई ने पंचकूला नगर निगम (एमसी पंचकूला) के चर्चित कोटक महिंद्रा बैंक धोखाधड़ी मामले में बड़ी कार्रवाई करते हुए मनी लॉन्ड्रिंग रोकथाम अधिनियम (पीएमएलए) के तहत नौ आरोपियों के खिलाफ अभियोजन शिकायत (प्रोसिक्यूशन कंप्लेंट) दायर कर दी है। साथ ही ईडी ने इस मामले में 131.13 करोड़ की संपत्तियों को अस्थायी रूप से कुर्क (प्रोविजनल अटैचमेंट) किया है। यह कार्रवाई 100 प्रतिशत गबन की गई राशि और उससे अर्जित कथित अवैध लाभ को कवर करती है।

ईडी के अनुसार जांच हरियाणा भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (एसीबी), पंचकूला द्वारा दर्ज एफआईआर के आधार पर शुरू की गई थी। एफआईआर में आरोप था कि नगर निगम पंचकूला की धनराशि को बैंक अधिकारियों और अन्य लोगों की कथित मिलीभगत से सुनियोजित तरीके से गबन किया गया।

फर्जी दस्तावेजों से खोले गए दो अवैध बैंक खाते

जांच में सामने आया कि उस समय कोटक महिंद्रा बैंक के डिप्टी वाइस प्रेसिडेंट रहे पुष्पिंदर सिंह, नगर निगम के अधिकारी विकास कौशिक तथा बैंक कर्मचारी दिलीप राघव की कथित मिलीभगत से एमसी पंचकूला के नाम पर फर्जी दस्तावेजों और जाली प्राधिकरण पत्रों के आधार पर दो अनधिकृत बैंक खाते खोले गए।

ईडी के मुताबिक नगर निगम द्वारा भेजे गए वास्तविक पत्रों और निर्देशों की अनदेखी की गई तथा समानांतर फर्जी प्राधिकरण पत्र तैयार कर निगम के वास्तविक खातों से धनराशि इन अवैध खातों में स्थानांतरित कर दी गई। जांच में बैंक अधिकारी सतीश कुमार की भूमिका भी सामने आने की बात कही गई है।

मोबाइल नंबर और ई-मेल बदलकर तोड़ी गई बैंक की सुरक्षा व्यवस्था

ईडी ने कहा कि फर्जी खातों के साथ-साथ नगर निगम के वास्तविक खातों से जुड़े मोबाइल नंबर और ई-मेल आईडी भी बदलकर उन्हें कथित रूप से विकास कौशिक और पुष्पिंदर सिंह के नियंत्रण में कर दिया गया। इससे बैंक की आंतरिक सुरक्षा व्यवस्था, सत्यापन प्रक्रिया और अधिकृत पुष्टि प्रणाली को निष्प्रभावी बनाकर अवैध लेनदेन को अंजाम दिया गया।

कई लोगों और कंपनियों के खातों में भेजा गया पैसा

जांच के अनुसार फर्जी खातों में राशि आने के बाद उसे रजत दहरा, स्वाति तोमर, कपिल कुमार, विनोद कुमार, सोनिया सहित कई व्यक्तियों तथा एस.के. एग्रोटेक और एस.के. एग्रोफर्म जैसी संस्थाओं के खातों में भेजा गया, ताकि धन के स्रोत को छिपाया जा सके।

ईडी ने आरोप लगाया कि इन मध्यस्थ खातों का उपयोग कर बड़ी रकम बाद में पुष्पिंदर सिंह के व्यक्तिगत खातों, उनकी पत्नी प्रीति ठाकुर के खातों तथा अचल और चल संपत्तियों की खरीद में लगाई गई।

ऊंचे ब्याज पर दिए गए करोड़ों के असुरक्षित ऋण

जांच में यह भी सामने आया कि कथित रूप से गबन की गई राशि से सनी गर्ग, प्रियंका गर्ग, समर मोहन रंगा और आर्यन सिंह सहित कई लोगों तथा सनत रियल्टर्स प्राइवेट लिमिटेड, सेंट्रल इंफ्राडेवलपर्स, सनत वेंचर्स एंटरप्राइजेज एलएलपी, सैवेज रिकॉर्ड्स प्राइवेट लिमिटेड और सनत एंटरप्राइजेज प्राइवेट लिमिटेड जैसी कंपनियों को लगभग 3 प्रतिशत प्रतिमाह (36 प्रतिशत वार्षिक) ब्याज पर असुरक्षित ऋण दिए गए।

पत्नी की कंपनी में बढ़ा कारोबार, संपत्तियों के निपटान में इस्तेमाल

ईडी के अनुसार पुष्पिंदर सिंह की पत्नी प्रीति ठाकुर की कंपनी चौधरी एंड सेठी लीगल एडवाइजरी प्राइवेट लिमिटेड की आय और कारोबार में वित्त वर्ष 2022-23 के बाद असामान्य वृद्धि दर्ज की गई। जांच एजेंसी का आरोप है कि इस कंपनी का इस्तेमाल कथित अपराध से अर्जित चल और अचल संपत्तियों के निपटान के लिए किया गया।

छापों में मिले अहम दस्तावेज

ईडी ने बताया कि 22 अप्रैल 2026 को पुष्पिंदर सिंह, रजत दहरा, दिलीप कुमार राघव, विकास कौशिक, सनत रियल्टर्स, सनी गर्ग और कपिल कुमार समेत कई स्थानों पर तलाशी ली गई, जहां से बड़ी मात्रा में आपत्तिजनक दस्तावेज और साक्ष्य बरामद हुए।

लग्जरी कारें और महंगी संपत्तियां खरीदीं

जांच में पता चला कि कथित रूप से गबन की गई रकम से पोर्श कायेन, बीएमडब्ल्यू 740एलआई, बीएमडब्ल्यू एक्स7, बीएमडब्ल्यू 749आई, जीप रैंगलर (2021), जीप रैंगलर (2024), बीएमडब्ल्यू जेड-4, टोयोटा लैंड क्रूजर और हार्ले डेविडसन जैसी लग्जरी गाड़ियां खरीदी गईं। ईडी का दावा है कि धोखाधड़ी सामने आने के बाद इनमें से कई वाहन तीसरे पक्ष को बेच दिए गए। साथ ही सेक्टर-2, पंचकूला स्थित संपत्तियां भी कथित रूप से अपनी बहन गुनिता सेठी को हस्तांतरित कर दी गईं, ताकि उन्हें कुर्की से बचाया जा सके।

107.24 करोड़ की रकम का पता, 131.13 करोड़ की संपत्ति कुर्क

ईडी के अनुसार जांच में 107.24 करोड़ की राशि अवैध खातों, मध्यस्थों और लाभार्थियों के खातों में ट्रेस की गई। इस आधार पर एजेंसी ने 131.13 करोड़ मूल्य की बैंक जमा और अचल संपत्तियां अस्थायी रूप से कुर्क की हैं। इनमें 12.85 करोड़ बैंक बैलेंस तथा 118.28 करोड़ मूल्य की अचल संपत्तियां शामिल हैं। एजेंसी का कहना है कि यह कार्रवाई गबन की गई पूरी राशि और उससे अर्जित कथित अवैध लाभ को कवर करती है।

नौ आरोपियों के खिलाफ अभियोजन शिकायत

ईडी ने बताया कि इस मामले के कथित मास्टरमाइंड और कोटक महिंद्रा बैंक के पूर्व शाखा प्रबंधक पुष्पिंदर सिंह को 1 जून 2026 को गिरफ्तार किया गया था। अब पीएमएलए की धारा 44 और 45 के तहत नौ आरोपियों के खिलाफ विशेष अदालत में अभियोजन शिकायत दाखिल कर दी गई है। मामले की आगे की जांच जारी है।

Chhattisgarh News Dhamaka Team

अमन चीफ एडिटर - छत्तीसगढ़ न्यूज़ धमाका // प्रदेश उपाध्यक्ष, छग जर्नलिस्ट वेलफेयर यूनियन छत्तीसगढ // ; हरिभूमि ब्यूरो चीफ जिला कोंडागांव // 18 सालो से पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय। विश्वसनीय, सृजनात्मक व सकारात्मक पत्रकारिता में विशेष रूचि। कृषि, वन, शिक्षा; जन जागरूकता के क्षेत्र की खबरों को हमेशा प्राथमिकता। जनहित के समाचारों के लिये तत्परता व् समर्पण// जरूरतमंद अनजाने की भी मदद कर देना पहली प्राथमिकता

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