
27 अगस्त 2026 //
भोपाल न्यूज़ धमाका – रक्षाबंधन से पहले भोपाल और इंदौर से चलने वाली बसों का किराया काफी बढ़ गया है। इंदौर-सागर रूट पर किराया 2,200 रुपये तक और इंदौर-भोपाल रूट पर 2,000 रुपये तक पहुंच गया है। भोपाल-सागर समेत कई अन्य रूट पर भी यात्रियों को सामान्य से ज्यादा किराया देना पड़ रहा है।
रक्षाबंधन से पहले घर जाने वाले यात्रियों की जेब पर बस किराए ने बड़ा असर डाला है। भोपाल और इंदौर से चलने वाली कई बसों के किराए में अचानक बढ़ोतरी हुई है। त्योहार के चलते बढ़ी मांग के बीच यात्रियों को सामान्य किराए से दो से तीन गुना तक ज्यादा रकम चुकानी पड़ रही है। कई रूट पर सीटें भी तेजी से भर रही हैं।
सबसे ज्यादा असर इंदौर-सागर रूट पर देखने को मिल रहा है। आम दिनों में इस रूट पर बस का किराया करीब 800 से 1,000 रुपये रहता है। लेकिन रक्षाबंधन के समय यही किराया बढ़कर 1,200 से 2,200 रुपये तक पहुंच गया है। यानी यात्रियों को सफर के लिए काफी ज्यादा पैसे खर्च करने पड़ रहे हैं।
इंदौर-भोपाल रूट पर भी किराए में बड़ा उछाल
इसी तरह इंदौर-भोपाल रूट पर भी किराए में बड़ा उछाल आया है। सामान्य दिनों में 400 से 800 रुपये में मिलने वाली सीट के लिए अब यात्रियों से करीब 1,000 से 2,000 रुपये तक लिए जा रहे हैं। कम दूरी वाले इस प्रमुख रूट पर भी त्योहार के कारण यात्रियों की संख्या काफी बढ़ गई है।
बसों में सीट मिलना मुश्किल हो रहा
भोपाल-सागर रूट पर सामान्य किराया 400 से 600 रुपये के बीच रहता है। रक्षाबंधन की भीड़ में यह बढ़कर 700 से 1,000 रुपये तक पहुंच गया है। यात्रियों का कहना है कि ज्यादा किराया देने के बावजूद कई बसों में सीट मिलना मुश्किल हो रहा है।
किराए में बढ़ोतरी केवल इन तीन रूट तक सीमित नहीं है। भोपाल और इंदौर से रीवा, सिवनी, जबलपुर, छिंदवाड़ा, गुना और ग्वालियर जाने वाली बसों के किराए में भी बढ़ोतरी की जानकारी सामने आई है। कुछ रूट पर किराया सामान्य से दो से चार गुना तक बढ़ने की बात कही जा रही है।
हवाई किराए के करीब पहुंच गए
मध्यप्रदेश से बाहर जाने वाले यात्रियों को भी इसी तरह की परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। इंदौर से पुणे जाने वाली कुछ बसों के ऑनलाइन किराए इतने बढ़ गए हैं कि वे हवाई किराए के करीब पहुंच गए हैं। वहीं मुंबई, पुणे और वाराणसी जैसे शहरों के लिए भी टिकटों की मांग बढ़ी हुई है।
रक्षाबंधन पर बड़ी संख्या में लोग अपने परिवार के साथ त्योहार मनाने के लिए घर लौट रहे हैं। ऐसे में सीमित सीटों और बढ़े किराए ने यात्रियों की परेशानी बढ़ा दी है। कई लोगों के सामने अब ज्यादा किराया देकर यात्रा करने के अलावा कोई विकल्प नहीं बचा है।
