
27 अगस्त 2026 //
सुकमा न्यूज़ धमाका – सुकमा पुलिस लाइन में रक्षाबंधन पर स्कूली बच्चियों और महिलाओं ने जवानों को राखी बांधी। एसपी मयंक गुर्जर ने भी बच्ची से राखी बंधवाई, भावुक हुआ माहौल।
रक्षाबंधन के मौके पर सुकमा पुलिस लाइन में भाई-बहन के रिश्ते और अपनत्व की भावुक तस्वीर देखने को मिली। शहर की बहनों और स्कूली बच्चियों ने पुलिस जवानों की कलाई पर राखी बांधी। इस दौरान एक भावुक क्षण तब आया, जब पुलिस अधीक्षक मयंक गुर्जर ने एक स्कूली बच्ची से अपने हाथ पर राखी बंधवाई।
राठी मार्ट का स्टाफ पहुंचा पुलिस लाइन
राठी मार्ट सुकमा की महिलाएं और सेमराक स्कूल की बच्चियां पुलिस लाइन पहुंचीं और जवानों को राखी बांधकर रक्षाबंधन की खुशियां साझा कीं। लंबे समय से बस्तर के बीहड़ और दूरदराज इलाकों में तैनात जवानों के लिए यह पल खास रहा। परिवार से दूर ड्यूटी कर रहे कई जवान राखी बंधवाते समय भावुक नजर आए।
राखी के धागे में दिखा सम्मान और अपनापन
स्कूली बच्चियों और शहर की महिलाओं ने जवानों को राखी बांधकर उनके प्रति सम्मान और विश्वास जताया। जवानों के लिए यह सिर्फ एक त्योहार नहीं, बल्कि समाज की ओर से मिले उस अपनत्व का एहसास था, जो उन्हें परिवार से दूर रहते हुए भी भावनात्मक ताकत देता है। पुलिस लाइन में बच्चियों की हंसी, जवानों के चेहरे पर खुशी और कई आंखों में छलकते आंसू ने माहौल को भावुक बना दिया। रक्षाबंधन का यह आयोजन पुलिस और आम लोगों के बीच मजबूत होते रिश्ते की तस्वीर भी सामने लाया
नक्सलमुक्त बस्तर के साथ बढ़ रहा विश्वास
रक्षाबंधन के इस आयोजन को बदलते बस्तर की तस्वीर से भी जोड़कर देखा जा रहा है। कभी नक्सल हिंसा के कारण भय का माहौल झेल चुके क्षेत्रों में अब आम नागरिक और सुरक्षा बल एक-दूसरे के करीब आते दिखाई दे रहे हैं। शहर की बहनों और स्कूली बच्चियों का पुलिस लाइन पहुंचकर जवानों को राखी बांधना इस बदलाव का सामाजिक संदेश भी देता है। जवानों के प्रति सम्मान और भरोसे के साथ यह आयोजन शांति और भाईचारे की
एसपी मयंक गुर्जर बोले- यह सुरक्षा से आगे विश्वास की जीत
सुकमा एसपी मयंक गुर्जर ने कहा कि नक्सलमुक्त बस्तर की दिशा में चल रही यात्रा केवल सुरक्षा की जीत नहीं, बल्कि समाज में विश्वास और अपनत्व की वापसी भी है। उन्होंने कहा कि जवान लंबे समय तक अपने परिवार से दूर रहकर बीहड़ क्षेत्रों में सुरक्षा की जिम्मेदारी निभाते हैं। ऐसे में बहनों और बच्चियों का स्नेह उन्हें परिवार जैसा अपनापन देता है। उन्होंने कहा कि रक्षाबंधन पर बांधी गई यह राखी शांति, विश्वास और भाईचारे के उस रिश्ते का प्रतीक है, जो नक्सलमुक्त बस्तर में लगातार मजबूत हो रहा है।