
24 जुलाई 2026 //
सुकमा न्यूज़ धमाका – सुकमा में कांग्रेस ने जेल में बंद आदिवासियों की रिहाई की मांग को लेकर प्रदर्शन किया। जिला कांग्रेस अध्यक्ष और विधायक ने सरकार पर भेदभाव का आरोप लगाते हुए चेतावनी दी।
छत्तीसगढ़ के सुकमा में कांग्रेस ने जेलों में बंद आदिवासियों की रिहाई की मांग को लेकर बड़ा आंदोलन किया। जिला कांग्रेस अध्यक्ष हरीश कवासी के नेतृत्व में जिलेभर से पहुंचे आदिवासियों ने बस स्टैंड पर प्रदर्शन करते हुए आरोप लगाया कि सरकार बड़े नक्सलियों का स्वागत कर उन्हें मुख्यधारा में शामिल कर रही है, जबकि वर्षों से जेल में बंद निर्दोष आदिवासियों की सुध नहीं ले रही।
आदिवासियों की रिहाई की मांग को लेकर प्रदर्शन
कांग्रेस ने चेतावनी दी कि, यदि जल्द रिहाई नहीं हुई तो आंदोलन को और उग्र किया जाएगा। सुकमा बस स्टैंड में शुक्रवार को जिला कांग्रेस अध्यक्ष हरीश कवासी के मार्गदर्शन में जिलेभर से आए आदिवासियों ने जेल में बंद आदिवासियों की रिहाई की मांग को लेकर प्रदर्शन किया। आंदोलन में बड़ी संख्या में कांग्रेस कार्यकर्ता और ग्रामीण शामिल हुए।

आदिवासी अब भी सलाखों के पीछे क्यों
मीडिया से चर्चा करते हुए हरीश कवासी ने कहा कि, सरकार ने बड़े-बड़े नक्सलियों को आत्मसमर्पण के बाद मुख्यधारा में शामिल कर सम्मान दिया है, लेकिन उन आदिवासियों को अब भी जेल में रखा गया है, जो कथित तौर पर नक्सली नेताओं के प्रभाव में आकर कुछ घटनाओं में शामिल हुए थे। उन्होंने सवाल उठाया कि, जब बड़े नक्सलियों को समाज में वापस लाया जा सकता है तो वर्षों से जेल में बंद आदिवासियों के साथ अलग व्यवहार क्यों किया जा रहा है।

आदिवासियों के परिवार जूझ रहे हैं आर्थिक तंगी से
उन्होंने कहा कि, यदि निर्दोष आदिवासियों को जल्द रिहा नहीं किया गया तो कांग्रेस आने वाले दिनों में और उग्र आंदोलन करेगी। प्रदर्शन को समर्थन देने पहुंचे बीजापुर विधायक विक्रम मंडावी ने भी सरकार पर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि, नक्सल उन्मूलन अभियान के दौरान कई बड़े नक्सलियों को मुख्यधारा में लौटने का अवसर दिया गया, लेकिन गरीब आदिवासी आज भी जेलों में बंद हैं। उनके परिवार आर्थिक तंगी से जूझ रहे हैं और उनके पास मुकदमे लड़ने या वकीलों की फीस देने तक के पैसे नहीं हैं
आदिवासियों की रिहाई तक जारी रहेगा संघर्ष
विक्रम मंडावी ने कहा कि, कांग्रेस लगातार इस मुद्दे को सरकार के सामने उठा रही है, लेकिन अब तक कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया। उन्होंने सरकार से मांग की कि, जिन निर्दोष आदिवासियों के खिलाफ गंभीर साक्ष्य नहीं हैं, उन्हें जल्द रिहा किया जाए। उन्होंने कहा कि, कांग्रेस अपने आदिवासी भाइयों की रिहाई तक संघर्ष जारी रखेगी।



