
सुकमा न्यूज़ धमाका – सुकमा जिले में राब मौसम के कारण बिजली वितरण नेटवर्क को भारी नुकसान पहुंचा, इसके चलते करीब 94 गांवों के हजारों उपभोक्ताओं को बिजली संकट का सामना करना पड़ा।
बस्तर संभाग के सुकमा जिले में गुरुवार 28 मई को आए तेज आंधी-तूफान और बारिश ने जनजीवन को बुरी तरह प्रभावित कर दिया। खराब मौसम के कारण बिजली वितरण नेटवर्क को भारी नुकसान पहुंचा। जिससे छिंदगढ़, नेतनार, कूकानार और तोंगपाल उपकेंद्रों की बिजली आपूर्ति ठप हो गई। इसके चलते करीब 94 गांवों के हजारों उपभोक्ताओं को बिजली संकट का सामना करना पड़ा
33 केवी फीडरों में आई बड़ी खराबी
तेज हवाओं और बारिश के चलते 33 केवी छिंदगढ़ फीडर में कट प्वाइंट, डीपी और बिजली पोल क्षतिग्रस्त हो गए। वहीं पुसपाल फीडर के कई हिस्सों में पेड़ गिरने से बिजली लाइनें प्रभावित हुईं। छिंदगढ़ और तोंगपाल के बीच कई स्थानों पर तार टूटने की भी जानकारी मिली है। विद्युत विभाग की टीमें लगातार सुधार कार्य में जुटी हुई हैं ताकि जल्द से जल्द आपूर्ति बहाल की जा सके।
भोपालपटनम क्षेत्र में भी नुकसान
मौसम की मार भोपालपटनम ब्लॉक में भी देखने को मिली। कई गांवों में बड़े-बड़े पेड़ उखड़कर सड़कों पर गिर गए, जिससे आवागमन प्रभावित रहा। कुछ स्थानों पर बिजली के खंभे और तार क्षतिग्रस्त हो गए। एक मोटरसाइकिल पर भारी पेड़ गिरने से वाहन पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो गया। हालांकि इस घटना में किसी जनहानि की सूचना नहीं है।
68 विद्युत कर्मी बहाली कार्य में जुटे
ADVERTISEMENTविद्युत विभाग के अधिकारियों के अनुसार प्रभावित क्षेत्रों में बिजली व्यवस्था सामान्य करने के लिए बड़े स्तर पर मरम्मत कार्य किया जा रहा है। सहायक और कनिष्ठ अभियंताओं के नेतृत्व में 68 विद्युत कर्मचारी फील्ड में तैनात हैं और लगातार खराबियों को दूर करने का प्रयास कर रहे हैं।
जगदलपुर शहर में भी प्रभावित रही आपूर्ति
तेज हवाओं और बारिश का असर जगदलपुर और धरमपुरा क्षेत्र में भी देखने को मिला। कई बिजली पोल क्षतिग्रस्त हुए, इंसुलेटर खराब हुए और लाइनों पर पेड़ गिरने से बिजली आपूर्ति प्रभावित हुई। विभागीय टीमों ने देर रात तक अभियान चलाकर अधिकांश क्षेत्रों में बिजली बहाल कर दी।
अधिकारियों को सतर्क रहने के निर्देश
विद्युत विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों ने सभी कार्यपालन अभियंताओं को निर्देश दिए हैं कि खराब मौसम के दौरान बिजली आपूर्ति बहाल करने में किसी प्रकार की लापरवाही न बरती जाए। साथ ही प्रभावित क्षेत्रों में त्वरित कार्रवाई सुनिश्चित करने को कहा गया है।



