
04 अगस्त 2026 //
दंतेवाड़ा न्यूज़ धमाका – दंतेवाड़ा के बालपेट पटेलपारा में सड़क नहीं होने से मरीजों और गर्भवती महिलाओं को आज भी खाट पर अस्पताल ले जाना पड़ता है। ग्रामीणों ने सड़क निर्माण की मांग तेज की
दक्षिण बस्तर का दंतेवाड़ा जिला हर साल करोड़ों रुपये का खनिज राजस्व देता है, लेकिन जिला मुख्यालय से महज पांच किलोमीटर दूर स्थित ग्राम बालपेट के पटेलपारा में आज भी सड़क जैसी बुनियादी सुविधा नहीं पहुंच सकी है। सड़क नहीं होने से ग्रामीणों को हर दिन भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।
सड़क के अभाव में एंबुलेंस गांव तक नहीं पहुंच पाती। ऐसे में बीमार, बुजुर्ग और गर्भवती महिलाओं को खाट पर लिटाकर ग्रामीण कई किलोमीटर पैदल मुख्य सड़क तक ले जाते हैं, जहां से उन्हें अस्पताल पहुंचाया जाता है। बरसात के दिनों में कच्चा रास्ता कीचड़ और पानी से भर जाता है, जिससे हालात और भी गंभीर हो जाते हैं।
ग्रामीणों ने की सड़क निर्माण की मांग
ग्रामीणों का कहना है कि उन्होंने कई बार प्रशासन और जनप्रतिनिधियों से सड़क निर्माण की मांग की, लेकिन अब तक कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया। उनका आरोप है कि सड़क और समय पर इलाज नहीं मिलने के कारण पहले भी कई लोगों की जान जा चुकी है। हमारी टीम जब बालपेट के पटेलपारा पहुंची तो विकास के दावों और जमीनी हकीकत के बीच बड़ा अंतर देखने को मिला। गांव में आज भी मरीजों को अस्पताल पहुंचाने के लिए खाट ही एंबुलेंस का विकल्प बनी हुई है।
सवालों के घेरे में गांव की बदहाल स्थिति
जिला मुख्यालय से महज पांच किलोमीटर दूर बसे इस गांव की बदहाल स्थिति कई सवाल खड़े करती है। जब मुख्यालय के इतने करीब स्थित बस्ती तक सड़क जैसी मूलभूत सुविधा नहीं पहुंच पाई, तो दूरस्थ और अंदरूनी गांवों की स्थिति का सहज ही अंदाजा लगाया जा सकता है। ग्रामीणों ने शासन-प्रशासन से जल्द सड़क निर्माण कराने और स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध कराने की मांग की है।
