
09 जुलाई 2026 //
जगदलपुर न्यूज़ धमाका – बस्तर के माचकोट वन परिक्षेत्र में अज्ञात वन्यजीव के पगचिन्ह मिलने से ग्रामीणों में दहशत है। वन विभाग ने जांच शुरू कर कैमरा ट्रैप लगाने की तैयारी की है।
छत्तीसगढ़ के बस्तर जिले के माचकोट वन परिक्षेत्र में एक बड़े वन्यजीव की मौजूदगी के संकेत मिलने के बाद इलाके में हलचल बढ़ गई है। घने जंगलों से घिरे क्षेत्र में संदिग्ध पगचिन्ह मिलने के बाद ग्रामीणों में बाघ की आहट को लेकर भय का माहौल है। हालांकि वन विभाग ने अभी तक इसकी पुष्टि नहीं की है और पगचिन्हों की वैज्ञानिक जांच के बाद ही वन्यजीव की वास्तविक पहचान हो सकेगी।

पगचिन्हों की जांच में जुटा वन अमला
माचकोट वन क्षेत्र में अज्ञात जंगली जानवर के पगमार्क मिलने की सूचना पर वन विभाग की टीम तत्काल मौके पर पहुंची। परिक्षेत्र अधिकारी सौरभ रजक के नेतृत्व में वन अमला सुरक्षात्मक और खोजी अभियान में जुट गया है। टीम द्वारा मिले हुए पगचिन्हों की नाप-जोख की जा रही है और पहचान सुनिश्चित करने के लिए उनके सांचे भी लिए जा रहे हैं।
वन्यजीव की हर गतिविधि पर रहेगी नजर
वन विभाग अब वन्यजीव की गतिविधियों पर नजर रखने के लिए उसके संभावित आवागमन वाले रास्तों पर कैमरा ट्रैप लगाने की तैयारी कर रहा है। इसके माध्यम से यह पता लगाया जाएगा कि क्षेत्र में कौन सा वन्यजीव सक्रिय है और उसकी आवाजाही किस दिशा में है।
ग्रामीणों को किया गया अलर्ट
जगदलपुर एसडीओ योगेश कुमार रात्रे ने बताया कि माचकोट और आसपास के जंगलों में वन्यजीवों की मौजूदगी रहती है। फिलहाल मिले पगचिन्हों से यह स्पष्ट नहीं हो पाया है कि वे किस जानवर के हैं। एहतियात के तौर पर आसपास के ग्रामीण क्षेत्रों में अलर्ट जारी कर दिया गया है।

ग्रामीणों को जंगल की ओर अकेले जाने से बचने की सलाह
उन्होंने ग्रामीणों से अपील की है कि, वे अकेले जंगल की ओर न जाएं और विशेषकर शाम के समय सतर्क रहें। वन विभाग ने लोगों से किसी भी तरह की अफवाहों पर ध्यान नहीं देने की अपील करते हुए कहा है कि, पगचिन्हों के विश्लेषण और कैमरा ट्रैप की तस्वीरों के आधार पर जल्द ही स्थिति स्पष्ट हो जाएगी



