
09 जुलाई 2026 //
दिल्ली न्यूज़ धमाका – दिल्ली में संपत्तियों की पहचान और रिकॉर्ड को डिजिटल बनाने की दिशा में दिल्ली सरकार बड़ा कदम उठाने जा रही है। सरकार सभी मकानों, फ्लैटों और भूमि के लिए डूपिक लागू करने के उद्देश्य से नया कानून तैयार कर रही है। प्रस्तावित एक्ट के तहत प्रत्येक संपत्ति मालिक को आधार कार्ड की तर्ज पर एक डूपिक कार्ड जारी किया जाएगा। इस कार्ड में एक QR कोड होगा, जिसे स्कैन करने पर संबंधित मकान, फ्लैट या भूमि से जुड़ी आवश्यक जानकारी उपलब्ध हो सकेगी। सरकार के अनुसार, राजस्व विभाग के माध्यम से इन संपत्तियों से संबंधित सीमित और अधिकृत जानकारी DDA, MCD, NDMC, बिजली वितरण कंपनियों, दिल्ली जल बोर्ड, बैंकों और अदालतों को भी उपलब्ध कराई जाएगी। इससे विभिन्न विभागों के बीच रिकॉर्ड का बेहतर समन्वय होगा और संपत्ति से जुड़े दस्तावेजों का सत्यापन आसान हो सकेगा।
डूपिक कार्ड में होगी संपत्ति की पूरी डिजिटल जानका
राजधानी में लाखों मकान, फ्लैट और भूखंड हैं, लेकिन इनमें से बड़ी संख्या ऐसी है जिनका पूरा और अद्यतन रिकॉर्ड सरकार के पास उपलब्ध नहीं है। इसी समस्या को दूर करने के लिए सरकार नया कानून लाने की तैयारी कर रही है। प्रस्तावित व्यवस्था के तहत किसी भी भूमि, मकान या फ्लैट का पंजीकरण होते ही उसकी जानकारी स्वतः सरकार और संबंधित विभागों के रिकॉर्ड में दर्ज हो जाएगी। इसके लिए दिल्ली की प्रत्येक संपत्ति का डूपिक (दिल्ली अर्बन प्रॉपर्टी आइडेंटिटी कार्ड) बनाया जाएगा। यह कार्ड आधार कार्ड की तर्ज पर होगा और इसमें संबंधित प्रॉपर्टी की डिजिटल पहचान के साथ सभी महत्वपूर्ण जानकारियां दर्ज रहेंगी। कार्ड पर मौजूद क्यूआर कोड को स्कैन करते ही संपत्ति के मालिक की जानकारी, बिजली और पानी के कनेक्शन का विवरण, हाउस टैक्स किसके नाम पर जमा हो रहा है तथा अन्य आवश्यक रिकॉर्ड उपलब्ध हो सकेंगे।
भूमि उपयोग बदलते ही संबंधित विभागों को मिलेगी सूचना
प्रस्तावित नए एक्ट के तहत यदि किसी प्रॉपर्टी का भूमि उपयोग (लैंड यूज) बदलता है, तो उसकी जानकारी स्वतः संबंधित विभागों तक पहुंच जाएगी। यदि DDA किसी भूमि का उपयोग बदलता है, तो इसकी सूचना तुरंत राजस्व विभाग को भेजी जाएगी। इसके बाद राजस्व विभाग यह जानकारी बिजली वितरण कंपनियों, दिल्ली जल बोर्ड, नगर निगम और अन्य संबंधित एजेंसियों के साथ साझा करेगा। इससे संबंधित विभाग बदले हुए भूमि उपयोग के अनुसार टैक्स, पानी और बिजली के बिल तथा अन्य शुल्क निर्धारित कर सकेंगे।
प्रॉपर्टी रजिस्ट्रेशन होते ही अपडेट होगा बिजली-पानी और टैक्स रिकॉर्ड
सरकार के एक वरिष्ठ अधिकारी के अनुसार, डूपिक व्यवस्था लागू होने के बाद संपत्ति मालिकों को प्रॉपर्टी खरीदने के बाद बिजली, पानी और हाउस टैक्स जैसे रिकॉर्ड में नाम बदलवाने के लिए अलग-अलग विभागों के चक्कर नहीं लगाने पड़ेंगे। अधिकारी ने बताया कि जैसे ही किसी प्रॉपर्टी का पंजीकरण होगा, उसके नए मालिक की जानकारी स्वतः राजस्व विभाग के रिकॉर्ड में दर्ज हो जाएगी। इसके बाद यह जानकारी ऑनलाइन माध्यम से नगर निगम, डीडीए और अन्य संबंधित विभागों को भेज दी जाएगी।
36 महीने तक चलेगा सर्वे
डूपिक व्यवस्था लागू करने के लिए नया कानून बनने के बाद दिल्ली सरकार राजधानी भर में व्यापक संपत्ति सर्वेक्षण कराएगी। अधिकारियों के अनुसार, यह सर्वे करीब 36 महीने तक चलेगा, जिसके दौरान दिल्ली के प्रत्येक मकान, फ्लैट और भूखंड का रिकॉर्ड तैयार किया जाएगा। सर्वे पूरा होने के बाद हर संपत्ति के लिए अलग डूपिक कार्ड जारी किया जाएगा। यदि कोई भवन बहुमंजिला है, तो उसमें मौजूद प्रत्येक मंजिल या यूनिट की अलग पहचान सुनिश्चित की जाएगी। इसके लिए मकान नंबर के साथ A, B, C आदि अक्षरों का उपयोग कर प्रत्येक फ्लोर को अलग-अलग दर्ज किया जाएगा।



