
रायपुर न्यूज़ धमाका // छत्तीसगढ़ में बिरगांव और कोरबा स्थित कर्मचारी राज्य बीमा निगम (ईएसआइसी) अस्पताल बनकर लगभग तैयार है। केंद्रीय योजना के तहत बने अस्पताल का उद्घाटन केंद्रीय मंत्री या प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी से कराने की तैयारी है। लेकिन दोनों ही अस्पतालों को लेकर ऐसा पेंच फंस गया है कि उसका निदान नहीं हो रहा है। इससे लाभ के दायरे में आने वाले लगभग 22.50 लाख से अधिक लोग बेहतर चिकित्सा सेवाओं से वंचित हैं
मिली जानकारी के मुताबिक रायपुर के बिरगांव ईएसआइसी अस्पताल हिंदुस्तान प्रीफेब लिमिटेड (एचपीएल) द्वारा तैयार किया गया है, लेकिन 2019 में काम पूरा करने का दावा करने वाली कंपनी द्वारा 25 फीसद निर्माण कार्य अधूरा होने की बात कही जा रही है। दूसरी ओर कोरबा में करीब 70 करोड़ से अधिक की राशि से निर्माण हुए ईएसआइसी अस्पताल का काम पूरा हो चुका है, लेकिन इस अस्पताल का उपयोग राज्य शासन द्वारा अस्थायी कोविड अस्पताल के रूप में किए जाने की वजह से वह इसे अभी ईएसआइसी को सौंपने के मूड में नहीं है। इधर अस्पताल का जल्द से जल्द शुभारंभ करने के लिए केंद्रीय मंत्रालय और स्थानीय ईएसआइसी कार्यालय के बीच लगातार पत्राचार हो रहा है, लेकिन नतीजा शून्य ही है।
चिकित्सक व कर्मियों को बिना काम देना पड़ रहा वेतन
बता दें कि दोनों अस्पतालों के लिए अधीक्षक, चिकित्सा अधिकारी, नर्सिंग कर्मी, पैरामेडिकल स्टाफ पदों पर भर्ती की जा चुकी है, लेकिन अस्पताल शुरू नहीं होने की वजह से चिकित्सक व चिकित्सा कर्मियों के पास कोई काम ही नहीं है। कुछ चिकित्सकों को दूसरे अस्पताल अटैच किया गया है, जबकि बाकी सभी को बिना काम लिए वेतन का भुगतान करना पड़ रहा है। बेकाम इधर-उधर घूमकर चिकित्सा कर्मी भी परेशानी हैं।
केंद्र सरकार से हुई है बात
बिरगांव ईएसआइसी अस्पताल का उद्घाटन केंद्रीय श्रम मंत्री भूपेंद्र यादव या प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी से कराने की तैयारी है। इसे लेकर मेरी केंद्र सरकार से बात हुई है। अस्पताल का शुभारंभ जनवरी-फरवरी तक हर हाल में कर देंगे। एचपीएल व ईएसआइसी व्यवस्थागत प्रक्रिया करंे, इसके लिए विभाग से चर्चा करता हूं।
काम पूरा नहीं हुआ है
बिरगांव अस्पताल का काम एचपीएल ने अब तक पूरा नहीं किया है। कोरबा अस्पताल में कोरोनाकाल से राज्य सरकार द्वारा कोविड अस्पताल का संचालन किया जा रहा है। राज्य सरकार द्वारा भवन वापस करने के बाद ही अस्पताल का उद्घाटन कर सकेंगे। अस्पताल वापसी के लिए प्रशासन से पत्राचार हुआ है। केंद्रीय स्तर पर जल्द अस्पताल शुरू करने की प्रक्रिया चल रही है।

