
रायपुर न्यूज़ धमाका /// प्रदेश में कांग्रेस सरकार के 3 साल पूरे होने पर एक ओर सरकार अपनी बड़ी-बड़ी उपलब्धियां बता रही है. वही दूसरी ओर बीजेपी राज्य सरकार की खामियों को गिना रही है. राज्य सरकार के 3 साल के कामकाज के हिसाब को लेकर बीजेपी ने आज प्रेसवार्ता ली. बीजेपी के प्रदेश सह प्रभारी नितिन नवीन ने प्रेसवार्ता में राज्य सरकार पर जमकर हमला बोला. नितिन नवीन ने कहा कि सरकार 3 साल उनके निकम्मे और नकारेपन के लिए जाना जाता है.
सरकार ने जनता के साथ विश्वासघात किया है. भूपेश बघेल रोलू मुख्यमंत्री के रूप में जाने जाते हैं. पूछना चाहता हूं कि जब में घोषणा पत्र बनाया था तो केंद्र से अनुमति लेकर बनाया गया था क्या? छत्तीसगढ़ बदहाली की स्थिति में है. कर्ज ले-लेकर कर छत्तीसगढ़ में 3 साल पूरे किए. हमारे सरकार में हमने राज्यांश को बढ़ाया. अगर आप अपने संकल्पों को पूरा नहीं कर रहे हैं तो इस्तीफा देकर भाग जाना चाहिए. अगर संकल्प लिए हैं तो उसे पूरा कीजिए रोने से काम नहीं चलेगा. भूपेश बघेल बस रोने का काम करते हैं. राहुल-सोनिया के दरबार में पैसे जा रहे हैं. घोटालेबाजों, माफियाओं को शरण देना इनका काम है. हमारी सुरक्षा करने वाले पुलिस परिवारों पर हमला करना निंदनीय है.
ALSO READ : स्वास्थ्य विभाग में हड़कप , सिम्स में भर्ती मरीजों के सैंपल में मिले हैजा के लक्षण
बृजमोहन अग्रवाल ने कहा कि छत्तीसगढ़ माफियाओं का गढ़, अपराध का गढ़ बन गया है. शराब की घर पहुंच सेवा मिल रही है. घर घर में कलह हो रही है. तनख्वाह बांटने के लिए भी कर्ज लेना पड़ रहा है. 3 साल में 50000 करोड़ रुपए से भी ज्यादा का कर्ज सरकार ने लिया है. सरकार मजदूरों के ब्याज खाने का काम कर रही है. एक भी गरीब को पट्टा नहीं बांटा गया. ये सरकार अत्याचार, माफियाओं को पनाह देने, झूठ, गरीबों के हक़ को मारने वाली सरकार है. हिंसा के मामले कवर्धा के मामले, क्राइम के मामले पर सरकार चुप है. जनता ने इनको उखाड़ फेंकने का निर्णय ले लिया है.
धरम लाल कौशिक ने भी राज्य सरकार पर जमकर हमला बोला. धरमलाल कौशिक ने कहा कि भूपेश बघेल उस यूनिवर्सिटी के कुलपति हैं. जहां झूठ बोलना सिखाया जाता है. लोगों को मात्र भ्रमित करने काम किया. रमन सिंह के 15 साल में कभी बोरे की समस्या नहीं आई. सरकार ने किसानों को छलने का काम किया है. यूपी में 50-50 लाख दे सकते हैं, लेकिन छत्तीसगढ़ में किसानों की हालत क्या है आप देख सकते हैं. चावल जमा कर पाने में सरकार असफल है. सरकार डर के मारे 1 हज़ार करोड़ के नुकसान को नहीं बता पा रही है.
सुपोषण अभियान को लेकर बड़ी-बड़ी बात की गई. रमन सरकार में 2% कुपोषण आती थी. कुपोषण दर में वृद्धि हुई है. आखिर हमारा छत्तीसगढ़ किस ओर जा रहा है. छत्तीसगढ़ अभागा अछूता राज्य बन चुका है. 3 साल कार्यकाल में एक भी स्कूल नहीं खोला गया. जशपुर में कोरवा पंडा जनजाति की मौतें हुई. सरकार की नाकामी राष्ट्रपति के दत्तक पुत्रों को बचा नहीं पाई. एक दूसरे पर उनके ही मंत्री आरोप लगाते हैं. सरकार बोलती है कि वक्त है बदलाव का, जनता बोल रही वक्त है पछताव का.

