
बैंक के गार्ड की ड्यूटी खत्म होने के बाद जब वह घर लौट रहा था तो अपनी 12 बोर की बंदूक रास्ते में भूल गया। घर पहुंचकर उसे याद आया तो पुलिस के पास पहुंचकर मदद मांगी। उसे याद ही नहीं रहा की बंदूक वह कहां भूला था। पुलिस ने करीब एक दर्जन सीसीटीवी कैमरों की फुटेज देख बंदूक को ढूंढा। विजय नगर थाने पर बुधवार रात फरियादी राजीव श्रीवास्तव पहुंचा।राजीव ने बताया कि वह पलासिया स्थित यूनियन बैंक में सुरक्षा गार्ड हैं। ड्यूटी खत्म होने के बाद वह खजराना मंदिर गया था। यहां से घर आ गया। उसके पास 12 बोर की बंदूक थी। यह बंदूक फोल्डिंग वाली थी जो दो हिस्सों में हो जाती है। ड्यूटी खत्म होने के बाद इसे अलग कर वह एक बैग में रखता है। रात में घर पहुंचने के बाद उसे बैग नहीं मिला तो घर में सभी जगह तलाशी लेने के बाद भी जब बैग नहीं मिला तो वह थाने पहुंचा और टीआइ तहजीब काजी को पूरी घटना बताई।
टीआइ ने उसे याद करने के लिए कहा, लेकिन उसे याद नहीं आया। इसके बाद गार्ड को लेकर पुलिस उसके बैंक पहुंची। यहां से खजराना मंदिर और उसके घर तक का रूट देखा और फिर सीसीटीवी कैमरे के फुटेज देखे। करीब एक दर्जन कैमरे देखने के बाद पता चला कि खजराना मंदिर तक उसके पास बंदूक थी, इसके बाद से उसके पास बैग नहीं है। उसने बताया कि वह एक दुकान पर रुखा था लेकिन उसे दुकान याद नहीं है। पुलिस ने कैमरे के आधार पर दुकान को तलाश किया, दुकानदार के यहां जब पुलिस पहुंची तो उसने बताया कि राजीव अपनी बंदूक का बैग भूल गए थे, उसे लगा कि राजीव को याद आएगा तो वह बंदूक लेने वापस आएंगे। दुकानदार ने पुलिस को बंदूक का बैग वापस दिया और गार्ड को सौंप दी।



