भिलाईछत्तीसगढ

श्रमवीरों की मेहनत ने सेल के उछाल के साथ ही भिलाई बिरादरी को भी ला दिया पहले पायदान पर

न्यूज़ धमाका :-मुनाफा और कैश कलेक्शन में सेल (स्टील अथारिटी आफ इंडिया लिमिटेड) के कीर्तिमानों के बीच भिलाई इस्पात संयंत्र ने भी बाजी मार ली। भिलाई बिरादरी की मेहनत रंग लाई। कैश कलेक्शन में बुधवार देर रात तक की स्थिति में भिलाई इस्पात संयंत्र ने तीन हजार 411.18 करोड़ कैश कलेक्शन का रिकार्ड बनाया।

वहीं बोकारो इसपात संयंत्र दूसरे क्रम पर चला गया। सेल ने मार्च माह में कुल 12863.83 करोड़ का कैश कलेक्शन किया। इसमें एक्सपोर्ट से कैश कलेक्शन 498.30 करोड़ रहा। घरेलु बाजार से कुल 12365.83 करोड़ कैश कलेक्शन किया। उम्मीद जताई जा रही है कि कुल कैश कलेक्शन का आंकड़ा 14 हजार करोड़ रूपये से पार हो जाएगा।

भिलाई इस्पात संयंत्र सहित सेल के सभी यूनिट में गुरुवार को वित्तीय वर्ष के अंतिम दिन कैश कलेक्शन पर सारा फोकस रहा। देर शाम तक विभागीय तौर पर आंकड़ा जारी नहीं हो पाया परंतु एक दिन पहले बुधवार का ही जो आंकड़ा इंट्रानेट पर आया उससे भिलाई इस्पात संयंत्र के श्रमवीरों की बांछे खिल गई।

भिलाई इस्पात संयंत्र मार्च माह में मंगलवार तक कैश कलेक्शन में बोकारो इस्पात संयंत्र में आगे चल रहा था वह पिछड़ गया। भिलाई इस्पात संयंत्र के श्रमवीरों की मेहनत ने सेल के उछाल के साथ ही भिलाई बिरादरी को भी पहले पायदान पर ला दिया। कर्मचारियों की मानें तो वित्तीय वर्ष के अंतिम दिन गुरूवार को कैश कलेक्शन के आंकड़े में भी भिलाई ही बाजी मारेगा।

कोरोनाकाल और उसके बाद का समय सेल के लिए उत्पादन और मुनाफा में कीर्तिमानों से भरा है यह सिलिसिला अभी भी जारी है। जारी वित्तीय सत्र जैसे जैसे खत्म होने के करीब पहुंचता गया वैसे वैसे कीर्तिमान भी जुड़ते चले जा रहे हैं। वर्तमान में सेल ने कुल कैश कलेक्शन के इपने पुराने सारे रिकार्ड को ध्वस्त कर दिया है। बीएसपी सहित सभी यूनिट के कर्मचारी गदगद हैं। भिलाई इस्पात संयंत्र सहित सेल की सभी यूनिट सर्वाधिक कैश कलेक्शन के कीर्तिमान बनाने के क्रम पर है।

Chhattisgarh News Dhamaka Team

अमन चीफ एडिटर - छत्तीसगढ़ न्यूज़ धमाका // प्रदेश उपाध्यक्ष, छग जर्नलिस्ट वेलफेयर यूनियन छत्तीसगढ // ; हरिभूमि ब्यूरो चीफ जिला कोंडागांव // 18 सालो से पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय। विश्वसनीय, सृजनात्मक व सकारात्मक पत्रकारिता में विशेष रूचि। कृषि, वन, शिक्षा; जन जागरूकता के क्षेत्र की खबरों को हमेशा प्राथमिकता। जनहित के समाचारों के लिये तत्परता व् समर्पण// जरूरतमंद अनजाने की भी मदद कर देना पहली प्राथमिकता

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