
09 अगस्त 2026 //
मोहला-मानपुर न्यूज़ धमाका – मोहला-मानपुर में आदिवासी मूलनिवासी दिवस पर भव्य आयोजन हुआ। विधायक इंद्रशाह मंडावी ने एकता, संस्कृति, शिक्षा और जल-जंगल-जमीन संरक्षण पर जोर दिया
आदिवासी मूलनिवासी दिवस के अवसर पर मानपुर के रामायण मंच में भव्य कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में मुख्य अतिथि एवं प्रमुख वक्ता के रूप में विधायक इंद्रशाह मंडावी शामिल हुए। उन्होंने कहा कि यह दिन केवल उत्सव मनाने का अवसर नहीं, बल्कि समाज की दिशा और भविष्य को लेकर चिंतन करने का भी दिन है। उन्होंने समाज की एकता को विकास की सबसे बड़ी ताकत बताते हुए अपनी संस्कृति, परंपरा और प्रकृति को सुरक्षित रखते हुए आगे बढ़ने का आह्वान किया।
प्रकृति संरक्षण की परंपरा आदिवासी समाज की पहचान
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए विधायक मंडावी ने कहा कि जब पूरी दुनिया विकास की दौड़ में प्रकृति का अंधाधुंध दोहन कर रही थी, तब आदिवासी समाज सदियों से जल, जंगल और जमीन के संरक्षण की परंपरा निभाता आया है। उन्होंने कहा कि प्रकृति आदिवासी जीवन का अभिन्न हिस्सा है और समाज की यह परंपरा आज पूरी दुनिया के लिए प्रेरणा बन सकती है। आधुनिक विकास के साथ पर्यावरण संरक्षण के बीच संतुलन बनाना समय की जरूरत है।
बिरसा मुंडा और वीर नारायण सिंह को किया याद
कार्यक्रम में भगवान बिरसा मुंडा और शहीद वीर नारायण सिंह के बलिदान को भी याद किया गया। विधायक मंडावी ने कहा कि इन महान नायकों ने समाज और देश के लिए अपना सर्वस्व न्योछावर किया। उनके संघर्ष और त्याग की जानकारी नई पीढ़ी तक पहुंचाना समाज की जिम्मेदारी है। उन्होंने कहा कि वर्तमान समय में सबसे बड़ी चुनौती अपनी संस्कृति और पहचान को सुरक्षित रखने की है। इसके साथ ही बच्चों को बेहतर शिक्षा दिलाना भी समाज की प्राथमिकता होनी चाहिए।
बच्चे पढ़ें और हर क्षेत्र में समाज का नाम रोशन करें
विधायक मंडावी ने कहा कि आदिवासी समाज के बच्चे शिक्षा और प्रतियोगी परीक्षाओं में तेजी से आगे बढ़ रहे हैं। उन्होंने कहा कि बच्चे पढ़-लिखकर अच्छे नागरिक बनें, डॉक्टर, इंजीनियर और वैज्ञानिक बनें तथा हर क्षेत्र में समाज का नाम रोशन करें। उन्होंने कहा कि विकास का अर्थ केवल आर्थिक उन्नति नहीं है, बल्कि गांवों तक सड़क, अस्पताल, शिक्षा और अन्य मूलभूत सुविधाएं पहुंचना भी जरूरी है। इस पूरी विकास यात्रा में शिक्षा सबसे महत्वपूर्ण आधार है।
जल, जंगल और जमीन संरक्षण का लिया संकल्प
कार्यक्रम में जिला पंचायत उपाध्यक्ष भोजेश शाह मंडावी ने आदिवासी समाज की संस्कृति, परंपराओं और प्रकृति के साथ उसके गहरे संबंध पर प्रकाश डाला। इस दौरान जल, जंगल और जमीन के संरक्षण का संकल्प लिया गया। वक्ताओं ने कहा कि आधुनिक विकास और प्रकृति संरक्षण के बीच संतुलन बनाकर ही आने वाली पीढ़ियों के लिए सुरक्षित और समृद्ध भविष्य तैयार किया जा सकता है।
डीजे की धुन पर हजारों युवाओं ने दिखाई एकजुटता
कार्यक्रम में बड़ी संख्या में आदिवासी युवाओं ने उत्साह के साथ भाग लिया। पारंपरिक वेशभूषा में पहुंचे युवाओं ने डीजे की धुन पर थिरकते हुए अपनी संस्कृति, पहचान और अधिकारों के प्रति जागरूकता का संदेश दिया। हाथों में तख्तियां और नारों के साथ युवाओं ने आदिवासी समाज की एकता का संदेश दिया। ढोल-नगाड़ों और संगीत की गूंज से पूरा आयोजन उत्सवमय नजर आया।
उत्कृष्ट प्रतिभाओं का किया गया सम्मान
आदिवासी दिवस के अवसर पर समाज की ओर से उत्कृष्ट प्रतिभावान छात्र-छात्राओं को स्मृति चिन्ह भेंट कर सम्मानित किया गया। इनमें NEET परीक्षा उत्तीर्ण करने वाले विद्यार्थी भी शामिल रहे। सम्मानित विद्यार्थियों ने बताया कि वे सामान्य परिवारों से आते हैं, लेकिन उनके परिजनों ने उनकी शिक्षा में किसी तरह का समझौता नहीं किया। परिवार के सहयोग और मेहनत के कारण वे आगे बढ़ने में सफल हुए।
विद्यार्थियों और पालकों को किया गया जागरूक
उन्होंने कार्यक्रम में मौजूद अन्य विद्यार्थियों और पालकों को भी मन लगाकर पढ़ाई करने तथा बच्चों की शिक्षा को प्राथमिकता देने के लिए प्रेरित किया। आयोजन ने आदिवासी समाज की एकता, संस्कृति, शिक्षा और प्रकृति संरक्षण के प्रति जागरूकता का संदेश दिया।



