
भिलाई न्यूज धमाका – छत्तीसगढ़ में तीजा पर्व की धूम है। इस अवसर पर वैशाली नगर विधायक रिकेश सेन ने परंपरा को निभाते हुए इस वर्ष भी तीजा व्रत रखने वाली महिलाओं के लिए करीब दो टन करेला मंगवाकर घर-घर भिजवाया।
25 वर्षों से निभा रहे परंपरा
विधायक सेन ने बताया कि जब वे पार्षद थे तभी से, यानी पिछले 25 वर्षों से, तीजा के पहले करेला बांटने की परंपरा निभा रहे हैं।
“करू भात की परंपरा में करेला जरूरी है, लेकिन तीजा आते ही इसकी कीमत 50–80 रुपये किलो तक पहुंच जाती है। तिजहारिन बहनों को परेशानी न हो, इसलिए हर घर तक एक-एक किलो करेला पहुंचाने का प्रयास करता हूं।” – रिकेश सेन
करू भात का महत्व
छत्तीसगढ़ की परंपरा में करू भात का विशेष महत्व है।
- व्रत के पहले दिन महिलाएं करेले का सेवन करती हैं।
- माना जाता है कि करेला खाने से निर्जला व्रत में प्यास कम लगती है।
- इसकी कड़वाहट को मानसिक शुद्धता और संयम का प्रतीक माना जाता है।
- चिकित्सकीय दृष्टि से करेला शरीर से विषैले तत्व बाहर निकालने में भी सहायक है।
घर-घर पहुंचेगा करेला
विधायक ने बताया कि वार्डवार टीम बनाकर वैशाली नगर विधानसभा क्षेत्र के प्रत्येक घर तक करेला पहुंचाया जा रहा है, ताकि सोमवार को व्रत रखने वाली माताएं-बहनें “करू भात” की रस्म पूरी कर सकें।
