
09 अगस्त 2026 //
दिल्ली न्यूज़ धमाका – आम आदमी पार्टी यानी आप (AAP) के दिल्ली प्रदेश अध्यक्ष सौरभ भारद्वाज ने दिल्ली की भाजपा सरकार पर चावल घोटाले का आरोप लगाया है। सौरभ भारद्वाज ने दावा किया कि दिल्ली की रेखा गुप्ता सरकार 22 हजार करोड़ के चावल घोटाले की योजना बना रही थी। सौरभ भारद्वाज ने रविवार को एक वीडियो जारी कर यह दावा किया कि दिल्ली की भाजपा सरकार ने 22000 करोड़ रुपये के सब्सिडी वाले चावल के घोटाले की योजना बनाई थी, जो 3 साल तक चलने वाली थी।
आप के दिल्ली प्रदेश अद्यक्ष ने सोशल मीडिया एक्स पर वीडियो शेयर करते हुए लिखा- 22000 करोड़ रुपये के स्कैम का प्लान पढ़ें…असम की एक कॉर्पोरेशन और दिल्ली सरकार ने FCI (फूड कॉर्पोरेशन ऑफ इंडिया) से भारी सब्सिडी वाला चावल लेने के लिए FCI को एक फॉर्मल रिक्वेस्ट भेजी। दिल्ली के गरीबों में बांटने के लिए हर हफ़्ते 31000 मीट्रिक टन चावल की भारी मात्रा की मांग की गई थी। यह सब्सिडी वाला चावल एक भी गरीब तक नहीं पहुंचा। सारा चावल हरियाणा की एक प्राइवेट कंपनी को भारी मुनाफे पर बेच दिया गया। इसका मतलब है कि 3 साल तक हर हफ़्ते 143 करोड़ रुपये के स्कैम की प्लानिंग की गई थी। यह 3 साल में 22000 करोड़ रुपये का प्लान किया गया स्कैम था।
‘केद्र सरकार के विजिलेंस विभाग ने पकड़ा घोटाला
उन्होंने कहा कि यह एफसीआई द्वारा चावल देने का यह काम शुरू भी हो गया और कई हफ्तों तक यह सिलसिला चलता रहा। हालांकि बाद में केद्र सरकार के विजिलेंस विभाग ने इसे पकड़ा तो कई लोगों पर इसकी गाज भी गिर गई। उन्होंने आगे कहा कि यह सब्सिडी वाला चावल एक भी गरीब व्यक्ति तक नहीं पहुंचा और हरियाणा की एक प्राइवेट कंपनी को बेचकर भारी मुनाफा कमाया गया।उन्होंने घोटाले के बारे में बताते हुए अपना एक वीडियो भी शेयर किया। वीडियो में सौरभ भारद्वाज को यह कहते हुए सुना जा सकता है, “जिस तरह से दिल्ली सरकार और असम कॉर्पोरेशन दिल्ली के लोगों को लूट रहे थे, वह तीन साल तक चलने वाला था।
साइकिल टेंडर में भीगड़बड़ी का आरोप लगाया
बता दें कि सौरभ भारद्वाज ने इससे पहले शनिवार को दिल्ली सरकार द्वारा 1.3 लाख साइकिलें खरीदने में गड़बड़ी का आरोप लगाया था। उन्होंने हीरो और एवन जैसी जानी-मानी कंपनियों के बजाय मट्टा स्पोर्ट्स को चुने जाने पर सवाल उठाए थे। भारद्वाज ने दावा किया कि मट्टा स्पोर्ट्स न तो साइकिल बनाने वाली कंपनी है और न ही उसे साइकिल सप्लाई करने का कोई पिछला अनुभव है, फिर भी उसे 7000 रुपये प्रति साइकिल की दर से सप्लाई का टेंडर दे दिया गया। भारद्वाज ने आरोप लगाया कि वर्क ऑर्डर में ‘हीरो स्काइलर 26T’ मॉडल का जिक्र था, लेकिन कंपनी इसकी जगह कम कीमत वाला ‘हीरो बोनफायर’ मॉडल सप्लाई कर रही थी।



