रायपुर

रेलवे का मासिक पास बंद होने से छत्तीसगढ़ के 30 हजार से अधिक यात्रियों की हो रही है परेशानी

रायपुर न्यूज़ धमाका //  कोरोना संकट के नाम पर रेलवे ने मासिक पास की सुविधा बंद कर रखा है,जबकि सभी बड़ी ट्रेने पहले की तरह सामान्य होकर चल रही है। इसके कारण पिछले दो साल से बिलासपुर डिवीजन और जोन में करीब 17 हजार, रायपुर के करीब छह हजार और भिलाई के दो हजार यात्रियों की जेब ढीली हो रही है। प्रदेश में यह आकंड़ा 30 हजार से अधिक है।

यात्रियों को हर महीने 16 सौ रुपये अधिक खर्च कर ट्रेनों में सफर करने को मजबूर होना पड़ रहा है।अकेले रायपुर में छह हजार यात्रियों के हिसाब से अब तक पांच करोड़ रुपये अधिक पैसा खर्च करके मासिक पासधारियों को सफर करना पड़ा है। हाल ही में रेलवे सलाहकार समिति ने भी मासिक पास की बंद की गई सुविधा फिर से शुरू करने का प्रस्ताव रेल मंडल के अधिकारियों को दिया था।

रायपुर रेलवे स्टेशन के डायरेक्टर राकेश सिंह ने बताया कि मासिक पासधारी (एसएसटी) यात्रियों को आधी टिकट दर पर यात्रा का लाभ कोरोना संकटकाल से पहले मिलता रहा है। सामान्य दिनों में रोजाना छह हजार मासिक पासधारी यात्रियों से 50 हजार रुपये की कमाई रेलवे को होती थी। इस हिसाब से वर्तमान में मासिक पास के बिना इन छह हजार दैनिक यात्रियों को दोगुना टिकट किराया यानी रोज एक लाख रुपये अधिक चुकाना पड़ रहा है। उन्होंने कहा कि रेलवे बोर्ड के दिशा-निर्देशों का पालन किया जा रहा है। बोर्ड से मासिक पास की सुविधा शुरू करने की स्वीकृति मिलते ही यह सुविधा फिर से प्रारंभ की जाएगी।

रेलवे बोर्ड के निर्देश का इंतजार

रेल मंडल के अधिकारियों ने कहा कि बिलासपुर रेलवे जोन मुख्यालय को पत्र लिखकर यात्रियों और क्षेत्रीय जनप्रतिनिधियों द्वारा लगातार मासिक पास की सुविधा फिर से शुरू करने की मांग से अवगत कराया गया है। फिलवक्त जोन और रेलवे बोर्ड से जैसा निर्देश मिलेगा उसका पालन किया जाएगा।

Chhattisgarh News Dhamaka Team

अमन चीफ एडिटर - छत्तीसगढ़ न्यूज़ धमाका // प्रदेश उपाध्यक्ष, छग जर्नलिस्ट वेलफेयर यूनियन छत्तीसगढ // ; हरिभूमि ब्यूरो चीफ जिला कोंडागांव // 18 सालो से पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय। विश्वसनीय, सृजनात्मक व सकारात्मक पत्रकारिता में विशेष रूचि। कृषि, वन, शिक्षा; जन जागरूकता के क्षेत्र की खबरों को हमेशा प्राथमिकता। जनहित के समाचारों के लिये तत्परता व् समर्पण// जरूरतमंद अनजाने की भी मदद कर देना पहली प्राथमिकता

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