रायपुरछत्तीसगढ

खाद्य मंत्री अमरजीत भगत : उसना चावल नहीं ले रही है केंद्र सरकार , जल्द ही केंद्रीय मंत्री से करेंगे मुलाकात

रायपुर न्यूज़ धमाका /// खाद्य मंत्री अमरजीत भगत ने आज पत्रकारवार्ता में धान ख़रीदी में हो रही समस्या को लेकर बुलाई थी. उन्होंने बताया कि तीन मांगो को लेकर वे जल्द केंद्रीय खाद्य मंत्री से मिलेंगे.केन्द्रीय पुल के अंतर्गत 61.65 लाख टन अरवा चावल लेने की अनुमति भारत सरकार ने दी है. लेकिन केंद्र सरकार उसना चावल नहीं ले रही है इससे नुकसान होगा. बता दें कि प्रदेश में 461 उसना मीलें है, जिसकी मीलिंग क्षमता 593 लाख टन है. उसना चांवल नहीं लिये जाने के कारण प्रदेश में धान के निराकरण में उसना मीलरों को भारी नुकसान होगा. उन्होंने 23 लाख टन उसना चांवल लिये जाने केंद्र सरकार से मांग की है.

अनुमानित 105.00 लाख टन बारदानें के लिए आंशिक 113.00 लाख टन गठान एचडीपीई बैग करने की अनुमति भारत सरकार से दिया गया हैं. जूट कमीशनर द्वारा 1.38 लाख गठान जूट बैग का प्रदाय किया जाना था किन्तु आज दिनांक तक मात्र 60 हजार गठान जूट बारदानें प्राप्त हुये है जुट बारदानें की लगतान आपूर्ति के लिए भारत सरकार से निवेदन किया जायेगा. 2020-21 के लिए इकोनॉमी कॉस्ट में धान में 32 रूपयें प्रति क्विंटल प्रदान किया जा रहा है जबकि अन्य राज्यों में जैसे पंजाब में 2.5 प्रतिशत कमीशन दिया जाता है, जिसे छ.ग. में लागू किया जाये. दिनांक 01.12.2021 से धान खरीदी प्रारंभ हो रही है इसकी पूर्व तैयारी के लिए राज्य स्तरीय सचिव खाद्य के द्वारा राज्य स्तरीय अधिकरियों के साथ संभाग स्तर पर कलेक्टर के साथ बैठक कर व्यवस्था सुनिश्चित की जायेगी.

उन्होंने कहा कि धान खरीदी केन्द्रों में नोडल अधिकारी नियुक्ति के निर्देश दिये है प्रत्येक धान खरीदी केन्द्र का प्रत्यक्ष निरीक्षण कर मुलभूत आवश्यकताएं जैसे पेयजल, चबूतरा, बिजली, सड़क, तराजू आदि की व्यवस्था सुनिश्चित की जायेगी

Chhattisgarh News Dhamaka Team

अमन चीफ एडिटर - छत्तीसगढ़ न्यूज़ धमाका // प्रदेश उपाध्यक्ष, छग जर्नलिस्ट वेलफेयर यूनियन छत्तीसगढ // ; हरिभूमि ब्यूरो चीफ जिला कोंडागांव // 18 सालो से पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय। विश्वसनीय, सृजनात्मक व सकारात्मक पत्रकारिता में विशेष रूचि। कृषि, वन, शिक्षा; जन जागरूकता के क्षेत्र की खबरों को हमेशा प्राथमिकता। जनहित के समाचारों के लिये तत्परता व् समर्पण// जरूरतमंद अनजाने की भी मदद कर देना पहली प्राथमिकता

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