
11 अगस्त 2026 //
पेंड्रा न्यूज़ धमाका – पेंड्रा में एक शिक्षक अपने विद्यालय से विदा होते नजर आ रहे हैं, वहीं उनके सामने खड़े बच्चे भावुक होकर आंसू बहाते दिखाई दे रहे हैं, यह दृश्य देखने वालों को भी भावुक कर रहा है।
सोशल मीडिया पर वायरल हो रही कुछ तस्वीरों ने गुरु-शिष्य के रिश्ते की एक बेहद भावुक कहानी सामने ला दी है। तस्वीरों में एक शिक्षक अपने विद्यालय से विदा होते नजर आ रहे हैं, वहीं उनके सामने खड़े बच्चे भावुक होकर आंसू बहाते दिखाई दे रहे हैं। यह दृश्य देखने वालों को भी भावुक कर रहा है।
दो साल तक केंवची स्कूल में रहे प्रधान पाठक
गौरेला ब्लॉक के प्राथमिक शाला केंवची में प्रधान पाठक के पद पर करीब दो वर्षों से सेवाएं दे रहे नागेंद्र सिंह ठाकुर का स्थानांतरण अब पेंड्रा ब्लॉक के प्राथमिक शाला भर्रापारा में हुआ है। नई पदस्थापना के चलते जब वे अपने पुराने विद्यालय से विदा लेने पहुंचे, तो स्कूल का माहौल भावुक हो गया।
शिक्षक की विदाई पर रो पड़े बच्चे
नागेंद्र सिंह ठाकुर के साथ बच्चों का जुड़ाव सिर्फ कक्षा और पढ़ाई तक सीमित नहीं रहा। उनके स्थानांतरण की खबर मिलते ही कई छात्र-छात्राएं भावुक हो गए। विदाई के दौरान कुछ बच्चे शिक्षक को एकटक देखते रहे, जबकि कई की आंखों से आंसू छलक पड़े।
विद्यालय में मौजूद लोगों के लिए यह दृश्य किसी भावुक पारिवारिक विदाई से कम नहीं था। बच्चों के चेहरे पर अपने शिक्षक से बिछड़ने का दर्द साफ दिखाई दे रहा था।
पढ़ाई के साथ संस्कार और अपनापन भी दिया
प्रधान पाठक नागेंद्र सिंह ठाकुर ने बच्चों को पढ़ाई के साथ अनुशासन, संस्कार और व्यवहारिक जीवन की सीख देने पर भी जोर दिया। बच्चों के साथ उनके सहज और आत्मीय व्यवहार ने उन्हें विद्यार्थियों के बीच खास बना दिया।
यही वजह रही कि उनके स्थानांतरण पर बच्चों की आंखें नम हो गईं। विदाई के दौरान सामने आई तस्वीरें इस बात की गवाही दे रही हैं कि शिक्षक और विद्यार्थी के बीच बना विश्वास और अपनापन कितनी गहरी छाप छोड़ सकता है।
शिक्षक के लिए इससे बड़ी उपलब्धि क्या होगी?
आज के दौर में जब शिक्षा को अक्सर केवल किताबों और परीक्षा के परिणामों तक सीमित कर दिया जाता है, केंवची स्कूल की यह भावुक विदाई गुरु-शिष्य के रिश्ते की एक अलग तस्वीर पेश करती है।
एक शिक्षक की सबसे बड़ी उपलब्धि शायद यही होती है कि उसके जाने पर विद्यार्थी सिर्फ एक अध्यापक को नहीं, बल्कि अपने मार्गदर्शक और अपनेपन से जुड़े व्यक्ति को खोने जैसा महसूस करें। नागेंद्र सिंह ठाकुर की विदाई के दौरान बच्चों की नम आंखों ने इसी रिश्ते को बयां किया।
केंवची प्राथमिक शाला से उनकी विदाई का यह भावुक पल अब तस्वीरों के जरिए लोगों तक पहुंच रहा है और गुरु-शिष्य के बीच बने आत्मीय संबंध की मिसाल बन गया है।



