
30 अगस्त 2026 //
बलोदाबाजार न्यूज़ धमाका – छत्तीसगढ़ पुलिस द्वारा साइबर अपराधों के प्रति आम नागरिकों को जागरूक करने के उद्देश्य से प्रदेशभर में व्यापक साइबर जागृति अभियान चलाया जा रहा है।
छत्तीसगढ़ पुलिस द्वारा साइबर अपराधों के प्रति आम नागरिकों को जागरूक करने के उद्देश्य से प्रदेशभर में व्यापक साइबर जागृति अभियान चलाया जा रहा है। अभियान के तहत बलौदाबाजार जिला पुलिस द्वारा भी विभिन्न माध्यमों से लोगों को साइबर ठगी से बचने के लिए जागरूक किया जा रहा है। इसी कड़ी में जागरूकता और सेल्फी अभियान के माध्यम से साइबर सुरक्षा का संदेश आमजन तक पहुंचाया जा रहा है।
कुश अग्रवाल ने साइबर जागरूकता सेल्फी लेकर दिया सुरक्षा का संदेश
अभियान के तहत हरिभूमि न्यूज के संवाददाता कुश अग्रवाल ने साइबर जागरूकता सेल्फी लेकर लोगों से ऑनलाइन धोखाधड़ी के प्रति सतर्क रहने की अपील की।
कुश अग्रवाल ने कहा कि वर्तमान समय में साइबर ठग नए-नए तरीकों से लोगों को अपने जाल में फंसा रहे हैं। इनमें केवाईसी अपडेट के नाम पर होने वाली धोखाधड़ी भी एक प्रमुख तरीका है। लोगों को ऐसे फर्जी संदेशों से सावधान रहने की आवश्यकता है, जिनमें कहा जाता है कि “केवाईसी अपडेट करें, नहीं तो आपका बैंक खाता ब्लॉक कर दिया जाएगा।”
उन्होंने आम नागरिकों को संदेश देते हुए कहा कि घबराएं नहीं, जल्दबाजी में कोई कदम न उठाएं और किसी भी संदिग्ध लिंक पर क्लिक करने से पहले सोचें।
केवाईसी धोखाधड़ी से बचने के तीन महत्वपूर्ण नियम
1. रुकें- किसी भी संदिग्ध संदेश या कॉल के बाद जल्दबाजी में कोई कार्रवाई न करें।
2. सोचें- बैंक अथवा एनबीएफसी केवाईसी अपडेट के नाम पर संदिग्ध लिंक भेजकर ओटीपी, पिन या पासवर्ड जैसी गोपनीय जानकारी साझा करने के लिए नहीं कहते। किसी भी संदेश की सत्यता की पुष्टि आधिकारिक माध्यम से करें।
3. कार्य करें- संदिग्ध लिंक पर क्लिक न करें। अपना ओटीपी, एटीएम/डेबिट कार्ड पिन, पासवर्ड या अन्य बैंकिंग जानकारी किसी के साथ साझा न करें। आवश्यकता होने पर सीधे अपने बैंक या संबंधित एनबीएफसी से संपर्क कर जानकारी की पुष्टि करें।
सतर्कता ही साइबर ठगी से बचाव का सबसे बड़ा हथियार
साइबर जागरूकता अभियान का उद्देश्य नागरिकों को यह समझाना है कि साइबर ठगी से बचाव में सतर्कता ही सबसे बड़ा हथियार है। जिला पुलिस ने आम नागरिकों से अपील की है कि वे किसी भी अनजान कॉल, मैसेज या लिंक पर भरोसा न करें और साइबर अपराध से संबंधित जानकारी मिलने पर तत्काल संबंधित विभाग को सूचित करें।


