
न्यूज़ धमाका :-छत्तीसगढ़ सरकार के गोठानों में महिलाओं के लिए कई आजीविका मूलक कार्य शुरू किए गए हैं। स्वसहायता समूह की महिलाओं को इस काम के लिए पहले प्रशिक्षण दिया जा रहा है। प्रशिक्षण के बाद घर के कामकाज निपटाने के बाद वे गोठानों में गोबर से दीये, कंड़े, गोबर के गुलाल, फिनायल आदि बनाकर आर्थिक रुप से स्वालंबन की ओर अग्रसर हैं।
सब्जी और फूलों की कर रही हैं खेती
आजीविका मूलक कार्यों के साथ-साथ घर की बाड़ियों में या घर के पास के खेतों में सब्जी, फल और फूलों की खेती से समूह की महिलाओं की आय में वृद्धि हो रही है। सरकार के गोधन न्याय योजना से आय मूलक कामों से हो रहे आमदनी से जीवन स्तर में सुधार लाने में सक्षम हो रही हैं। छत्तीसगढ़ में सुराजी गांव योजना और गोधन न्याय योजना से खरसिया के ग्राम पंचायत लोढ़ाझर में गोठान में सीपीटी, पौधारोपण, खुदाई आदि कार्य कर रही है।
गोठानों मे गोबर से जैविक खाद का निर्माण
सरकार के गोबर खरीदी योजना से गोठानों में खरीदे गए गोबर और गोठानों के मवेशियों के गोबर से महिलाएं जैविक खाद बना रही हैं। जैविक खाद की राज्य में मांग होने से उसकी बिक्री भी हो रही है। इससे होने वाली आय गोठानों की समूह की महिलाओं को बांट दी जाती है। वर्मी कंपोस्ट निर्माण, केंचुआ उत्पादन एवं सब्जी उत्पादन का कार्य लगातार किया जा रहा है। महिलाओं को इससे आर्थिक लाभ मिल रहा है और वे अपने परिवार के भरण-पोषण में भी इस राशि का उपयोग कर रही हैं।
