
03 अगस्त 2026 //
BJP Launches Gen-Z Conference: दिल्ली बीजेपी ने Gen-Z सम्मेलन’ की शुरुआत की है। इसे लेकर मंत्री आशीष सूद और सांसद रमेश बिधूड़ी ने जानकारी दी है।
पेपर लीक के मुद्दे पर जंतर-मंतर से उठे छात्र आंदोलन के बाद भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) ने युवाओं और छात्राओं के बीच अपनी पकड़ मजबूत करने के उद्देश्य से दिल्ली में ‘Gen-Z सम्मेलन’ की शुरुआत की है। पार्टी इसे युवाओं के साथ सीधे संवाद का मंच बता रही है, जबकि राजनीतिक विश्लेषक इसे बदलते युवा राजनीतिक मिजाज को समझने और साधने की रणनीति के रूप में देख रहे हैं।
बीजेपी युवा मोर्चा की ओर से दक्षिणी दिल्ली के तुगलकाबाद स्थित डीडीए ग्राउंड में आयोजित पहले ‘Gen-Z सम्मेलन’ में दिल्ली सरकार के मंत्री आशीष सूद मुख्य अतिथि और पूर्व सांसद रमेश बिधूड़ी मुख्य वक्ता के रूप में शामिल हुए। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में छात्र और युवा मौजूद रहे।
सम्मेलन के दौरान आशीष सूद ने हालिया छात्र आंदोलनों का जिक्र करते हुए आरोप लगाया कि युवाओं को गुमराह किया गया और प्रधानमंत्री के खिलाफ अपमानजनक भाषा का इस्तेमाल करने के लिए उकसाया गया। उन्होंने कहा कि लोकतंत्र में विरोध का अधिकार सभी को है, लेकिन उसे मर्यादा और शांतिपूर्ण तरीके से होना चाहिए।
उन्होंने कहा कि केवल मंत्रियों के इस्तीफे से व्यवस्था नहीं बदलती, बल्कि मजबूत कानून और प्रभावी क्रियान्वयन से बदलाव आता है। सूद ने दावा किया कि पेपर लीक रोकने के लिए केंद्र सरकार ने सख्त कानून बनाया है, जिसके तहत दोषियों को कठोर सजा का प्रावधान किया गया है।

क्यों शुरू किया गया ‘Gen-Z सम्मेलन’
हाल के महीनों में प्रतियोगी परीक्षाओं में कथित पेपर लीक, शिक्षा सुधार और रोजगार जैसे मुद्दों को लेकर देशभर में छात्रों के विरोध प्रदर्शन देखने को मिले। इन आंदोलनों में बड़ी संख्या में 1996 से 2012 के बीच जन्मे युवाओं, यानी Gen-Z वर्ग की भागीदारी रही।
राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि पारंपरिक राजनीतिक रैलियों और भाषणों के मुकाबले नई पीढ़ी से सीधे संवाद की आवश्यकता बढ़ गई है। इसी को ध्यान में रखते हुए बीजेपी ने ‘Gen-Z सम्मेलन’ के जरिए युवाओं से जुड़ने की पहल शुरू की है।
कार्यक्रम में युवाओं को डिजिटल इंडिया, स्टार्टअप संस्कृति, कौशल विकास, शिक्षा और रोजगार के क्षेत्र में सरकार की योजनाओं और उपलब्धियों की जानकारी दी गई। साथ ही छात्राओं के लिए महिला सुरक्षा, उच्च शिक्षा संस्थानों में सुविधाएं और स्किल डेवलपमेंट कार्यक्रमों पर भी विशेष फोकस किया गया।
युवाओं से सीधा संवाद
बीजेपी युवा मोर्चा का कहना है कि ‘Gen-Z सम्मेलन’ का उद्देश्य युवाओं और छात्राओं के साथ सीधा संवाद स्थापित करना, उनकी राय जानना और उन्हें सकारात्मक तरीके से लोकतांत्रिक प्रक्रिया से जोड़ना है। नेताओं ने छात्रों से पढ़ाई पर ध्यान देने के साथ-साथ अपने अधिकारों के प्रति जागरूक रहने और शांतिपूर्ण तरीके से अपनी बात रखने की अपील भी की।
चुनावी रणनीति का हिस्सा
दिल्ली की राजनीति में लंबे समय बाद सत्ता में लौटी बीजेपी के लिए युवा और मध्यम वर्ग का समर्थन महत्वपूर्ण माना जाता है। ऐसे में विपक्ष भी लगातार युवाओं के मुद्दों को राजनीतिक तौर पर उठाने की कोशिश कर रहा है। राजनीतिक जानकारों का मानना है कि ‘Gen-Z सम्मेलन’ के जरिए बीजेपी आगामी चुनावों से पहले युवा मतदाताओं के बीच अपनी वैचारिक और राजनीतिक पकड़ मजबूत करने की कोशिश कर रही है।