
रायपुर,न्यूज़ धमाका :-इन बेकार फूलों से महिलाएं कमाई कर आत्मनिर्भर बन रही हैं। जोन-पांच के लाखेनगर के समीप सामुदायिक भवन में गोमती महिला स्वसहायता समूह की 12 महिलाएं रोजाना 30 किलो बेकार फूलों को एकत्र कर रही हैं।फिर इनको सूखाकर पाउडर बनाने के बाद हवन सामाग्री, कोयला पाउडर, शहद, गुड़, कपूर, नारियल तेल, घी आदि मिलाकर दो से तीन दिनों में धूप और अगरबत्ती तैयार करती हैं।
राजधानी के मैरिज हाल, मंदिरों व अन्य जगहों से निकलने वाले बेकार फूलों को अब सड़कों पर नहीं फेंका जा रहा है। धूप, अगरबत्ती को बाजार के अलावा घर-घर जाकर बेचती हैं। पिछले एक साल में समूह ने 25 हजार की लागत से धूप, अगरबत्ती तैयार कर अब तक 50 हजार की कमाई की है। इससे वे खुद आत्मनिर्भर होने के साथ ही क्षेत्र की अन्य महिलाओं को भी इस रोजगार से जुड़ने के लिए प्रेरित कर रही हैं।
रोज 200 से 250 रुपये की कमाईसमूह की अध्यक्ष सरस्वती झा, सचिव इंदिरा झा, कोषाध्यक्ष वर्षा ध्रुव, निशा देवांगन, सुधा शर्मा, निशी झा, अनिता तिवारी, गोदावरी तंबोली, रेखा शर्मा, रूकमणि ध्रुव, आरती भोषले, गोदावरी ध्रुव आदि ने बताया कि अब तक समूह से करीब 60 महिलाएं जुड़कर सिलाई, कढ़ाई, अगरबत्ती, धूप आदि बनाने का प्रशिक्षण लेकर आत्मनिर्भर बन चुकी हैं। कई महिलाएं घर से ही अपने हुनर से रोज 200 से 250 रुपये की कमाई कर रही हैं।
