
सरदार वल्लभभाई पटेल के जन्म दिवस के अवसर पर पुरे भारत वर्ष में राष्ट्रीय एकता दिवस के साथ-साथ ’’एक भारत श्रेष्ठ भारत’’ का पर्व मनाया जा रहा है। इस पर्व को 188 वाहिनी केरिपु बल में भी षुभारंभ किया जा रहा है। जिसके तहत आज 31 अक्टूबर को वाहिनी के प्रांगण में सुबह षपथ समारोह के साथ-साथ रन फाॅर युनिटी का आयोजन किया गया।
सरदार पटेल 600 रियाषतों को किया था भारत में विलय – साम को 188 वाहिनी मुख्यालय में मार्च पास्ट का आयोजन किया गया जिसमें मंच पर वाहिनी के कमाण्डेंट सुनील कुमार द्वारा परेड से सैल्युट लिया गया। उनके द्वारा संबोधन में कहा गया कि स्वतंत्रता प्राप्ति के बाद देष के पहले उप-प्रधानमंत्री और गृहमंत्री के रूप में सरदार वल्लभ भाई पटेल जिनका जन्म 31 अक्टूबर 1857 को गुजरात राज्य में हुआ था। वे एक सफल वकील भी थे, जो अपनी तर्कपूर्ण बातों से प्रतिपक्षी को निरूत्तर कर देते थे। उन्होने अजादी के तुरंत बाद 600 से ज्यादा देषी रियासतों को जिसमें कश्मीर, जूनागढ और हैदराबाद जैसे राज्यों को अपनी बुद्धिमता और दृढता से भारत में विलय कराया। यह अपने आप में एक बडी मिषाल है। बेहद चुनौतीपूर्ण माने जाने के कारण ही इस दुष्कर कार्य को अंजाम तक पंहुचाने की जिम्मेदारी उन्हे दी गई थी, जिसे उन्होने वीपी मेनन के साथ मिलकर संभाला। इस बडी उपलब्धि के कारण उन्हे लौह पुरूष कहा जाता है। भारत की राजनीतिक एकीकरण के लिए सरदार वल्लभभाई पटेल के योगदान को चिरस्थाई बनाए रखने के लिए उनके जन्मदिन 31 अक्टूबर को ’’राष्ट्रीय एकता दिवस’’ के रूप में मनाया जाता है।
मौजूद रहे ये – इस अवसर पर प्रेमजीत कुमार द्वि कमा अधिकारी, अषोक निगुडे द्वि कमा अधिकारी, जसविंदर सिंह उप कमाण्डेंट, कैलाष चंद उप कमाण्डेंट,, वाहिनी के अधीनस्थ अधिकारी एंव जवान उपस्थित रहे।
