
जांजगीर न्यूज धमाका – छत्तीसगढ़ के जांजगीर जिले से एक शर्मनाक मामला सामने आया है, जहां जिला पंचायत में पदस्थ असिस्टेंट डायरेक्टर दिग्विजय दास महंत को एक युवती के यौन शोषण और ब्लैकमेल के आरोप में गिरफ्तार किया गया है। आरोपी ने खुद को अविवाहित बताकर युवती को शादी का झांसा दिया और तीन वर्षों तक शारीरिक शोषण करता रहा।
कैसे हुआ खुलासा?
आरोपी दिग्विजय महंत (उम्र 37), मूल निवासी – मोहलाईनभाठा, थाना कटघोरा, जिला कोरबा है और वर्तमान में जिला पंचायत जांजगीर में कार्यरत था। उसने एक युवती से मोबाइल के जरिए संपर्क कर दोस्ती की और धीरे-धीरे उसे प्रेमजाल में फंसा लिया।
जांच में सामने आया कि महंत ने खुद को अविवाहित बताकर शादी का आश्वासन दिया, लेकिन बाद में शादी की बात टालता रहा। जब युवती ने खुद पड़ताल की तो सच्चाई सामने आई—दिग्विजय पहले से शादीशुदा था।
अश्लील वीडियो से करता था ब्लैकमेल
पीड़िता के अनुसार, आरोपी ने संबंधों के दौरान उसका अश्लील वीडियो बना लिया था। जब युवती ने शादी के लिए दबाव बनाया तो दिग्विजय ने उसे वीडियो वायरल करने की धमकी दी और चुप रहने के लिए मजबूर करता रहा। वह वीडियो के ज़रिए बार-बार संबंध बनाने के लिए भी दबाव डालता था।
पुलिस ने त्वरित कार्रवाई की
थक-हार कर पीड़िता ने कोतवाली थाने में शिकायत दर्ज कराई। थाना प्रभारी प्रवीण द्विवेदी ने उच्चाधिकारियों के मार्गदर्शन में कार्रवाई करते हुए एफआईआर दर्ज की और कुछ ही घंटों में आरोपी को गिरफ्तार कर लिया। पूछताछ में दिग्विजय ने अपना अपराध स्वीकार कर लिया है। उसे न्यायालय में प्रस्तुत कर न्यायिक रिमांड पर भेजा गया है।
प्रशासनिक पद पर बैठकर शर्मनाक हरकत
इस घटना ने प्रशासनिक महकमे की गरिमा पर भी सवाल खड़े किए हैं। एक जिम्मेदार पद पर बैठा अधिकारी जब अपनी पद और प्रभाव का दुरुपयोग करता है, तो इससे प्रणाली की विश्वसनीयता पर आघात पहुंचता है।
“कानून से कोई ऊपर नहीं है। आरोपी के खिलाफ कड़ी से कड़ी कार्रवाई की जाएगी।”
— पुलिस सूत्र
निष्कर्ष:
यह मामला केवल एक युवती के साथ धोखा नहीं, बल्कि भरोसे और गरिमा का शोषण है। उम्मीद है कि इस कार्रवाई से ऐसे अपराधियों को सख्त संदेश मिलेगा कि अब न्याय की चुप्पी टूट चुकी है।



