
दुर्ग न्यूज धमाका – छत्तीसगढ़ के दुर्ग जिले की पुलिस ने 50 लाख रुपये की बड़ी चोरी का खुलासा करते हुए अंतरराज्यीय चोर गिरोह के पांच सदस्यों को गिरफ्तार किया है। चोरों ने वारदात के बाद नगदी और कीमती जेवरात को पुलिस से बचाने के लिए जमीन में गाड़ दिया था। पुलिस ने डीएसएमडी (डीप सर्च मेटल डिटेक्टर) की मदद से चोरी का सारा माल बरामद कर लिया है।
कैसे हुई चोरी?
घटना दुर्ग कोतवाली क्षेत्र के खंडेलवाल कॉलोनी की है, जहां कुछ दिन पूर्व एक मकान में खिड़की तोड़कर चोरी की गई थी। चोर 332 ग्राम सोना, 3.3 किलो चांदी और 9.76 लाख रुपए नगद समेत करीब 50 लाख का माल ले गए थे। मामला थाना सिटी कोतवाली में दर्ज हुआ और एसएसपी विजय अग्रवाल के निर्देश पर विशेष टीम गठित की गई।
सीसीटीवी से मिला सुराग
पुलिस टीम ने इलाके के सीसीटीवी फुटेज खंगाले, जिसमें मोटरसाइकिल सवार दो संदिग्ध नजर आए। जांच में दोनों की पहचान रंजीत डहरे और रोशन मारकंडे के रूप में हुई, जो राजनांदगांव और नागपुर के रहने वाले हैं। पूछताछ में उन्होंने चोरी की बात कबूल ली।
चोरी का माल कहां गया?
आरोपियों ने बताया कि उन्होंने कुछ चांदी के आभूषण नागपुर निवासी आकाश सोनी को बेच दिए, जबकि बाकी सामान खैरागढ़ स्थित केकराजबोड़ गांव में छिपाया गया था। वहां योगेश्वरी उर्फ जुगरी मारकंडे और रविशंकर बंजारे ने चोरी का सामान जमीन में गाड़कर छिपा दिया था, ताकि पुलिस को भनक न लगे।
बरामदगी और जब्ती
पुलिस ने डीएसएमडी की मदद से जमीन में गड़ा हुआ सारा माल बरामद कर लिया। कुल जब्ती में शामिल हैं:
- 332.110 ग्राम सोने के जेवरात
- 3 किलो 300 ग्राम चांदी के जेवरात
- ₹9.76 लाख नकद
- कुल मूल्य: ₹50 लाख (अनुमानित)
गिरफ्तार आरोपी
- रंजीत डहरे (30) – ग्राम लिटिया, थाना लालबाग, राजनांदगांव
- रोशन मारकंडे (23) – मिनीमाता नगर, थाना कलमना, नागपुर
- योगेश्वरी उर्फ जुगरी मारकंडे (32) – ग्राम केकराजबोड़, थाना जालबांधा, खैरागढ़
- रविशंकर बंजारे (32) – लखौली, थाना कोतवाली, राजनांदगांव
- आकाश मन्नालाल सोनी (28) – मिनीमाता नगर, थाना कलमना, नागपुर
पुलिस का बयान
“चोरी के मामले को गंभीरता से लेते हुए आरोपी की पहचान और गिरफ्तारी के लिए तकनीकी साक्ष्यों का सहारा लिया गया। डीएसएमडी की मदद से चोरी का सारा माल बरामद कर लिया गया है।”
— पुलिस अधिकारी, दुर्ग
निष्कर्ष:
दुर्ग पुलिस की तेज़ और तकनीकी जांच से यह साफ हुआ कि अब चोरी जैसी बड़ी वारदातें भी ज्यादा दिनों तक छिपी नहीं रह सकतीं। इस कार्रवाई ने न सिर्फ चोरी का पर्दाफाश किया, बल्कि अंतरराज्यीय चोर गिरोह के नेटवर्क का भी भंडाफोड़ किया है।
