16 जून 2026 //
राजनांदगांव न्यूज़ धमाका – राजनांदगांव पुलिस ने समाज और पुलिस के बीच विश्वास, संवाद और जनसहभागिता को मजबूत करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल करते हुए “पहल” अभियान का शुभारंभ किया है. पुलिस अधीक्षक अंकिता शर्मा के नेतृत्व में शुरू किए गए इस जन-केंद्रित अभियान का शुभारंभ 15 जून को पुलिस लाइन राजनांदगांव में हुआ. कार्यक्रम में छत्तीसगढ़ विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए. इस अवसर पर सांसद संतोष पांडेय, जिले के विधायकगण, महापौर मधुसूदन यादव सहित कई जनप्रतिनिधि और गणमान्य नागरिक मौजूद रहे.
कार्यक्रम में लगभग 2600 लोगों ने सहभागिता की, जिनमें 550 कोटवार, लगभग 1000 ग्रामवासी, 400 प्रतियोगी परीक्षा अभ्यर्थी, 500 से अधिक यातायात मित्र तथा 111 गुड समैरिटन्स शामिल रहे.
विद्यार्थियों के लिए “पहल रीडिंग रूम”
कार्यक्रम के अंतर्गत प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहे युवाओं के लिए “पहल रीडिंग रूम” का शुभारंभ किया गया.
यह पहल विशेष रूप से उन विद्यार्थियों को ध्यान में रखकर तैयार की गई है जो झुग्गी बस्तियों, अटल आवास कॉलोनियों एवं आर्थिक रूप से कमजोर क्षेत्रों में रहते हैं. ऐसे अनेक परिवार एक ही कमरे में निवास करते हैं, जहां अध्ययन के लिए शांत एवं अनुकूल वातावरण उपलब्ध नहीं हो पाता. कई मामलों में घरेलू कलह, शराब की लत एवं अन्य सामाजिक समस्याएं विद्यार्थियों की पढ़ाई को और अधिक प्रभावित करती हैं. इन परिस्थितियों में रीडिंग रूम विद्यार्थियों के लिए एक सुरक्षित, शांत एवं प्रेरणादायक अध्ययन स्थल के रूप में कार्य करेगा.

उल्लेखनीय है कि इस सुविधा के लिए सबसे अधिक मांग चिखली थाना क्षेत्र से प्राप्त हुई, जो जिले के अपेक्षाकृत चुनौतीपूर्ण एवं अपराध प्रभावित क्षेत्रों में से एक माना जाता है. यह इस बात का प्रमाण है कि कठिन परिस्थितियों में रहने वाले युवाओं के भीतर भी आगे बढ़ने और अपने जीवन को बदलने की तीव्र आकांक्षा मौजूद है.

राजनांदगांव पुलिस का उद्देश्य केवल विद्यार्थियों को अध्ययन की सुविधा प्रदान करना नहीं, बल्कि उन्हें उनके क्षेत्रों में सकारात्मक परिवर्तन के वाहक के रूप में विकसित करना है. जिन क्षेत्रों में कभी अपराधी तत्व युवाओं के लिए प्रभावशाली चेहरे बन जाते हैं, वहां अब शिक्षा, उपलब्धि और सार्वजनिक सेवा के माध्यम से सफल युवा नए रोल मॉडल बन सकें- इसी सोच के साथ इस पहल की परिकल्पना की गई है
अपराधमुक्त ग्रामों के सम्मान में वृक्षारोपण
कार्यक्रम के दौरान वर्ष 2024, 2025 एवं 2026 में अपराधमुक्त रहे 164 ग्रामों के सम्मान में पुलिस लाइन और संबंधित थाना परिसरों में वृक्षारोपण अभियान का शुभारंभ किया गया. यह अभियान सामाजिक जागरूकता, सामुदायिक उत्तरदायित्व एवं अपराध नियंत्रण में जनसहयोग को सम्मानित करने का प्रतीक है.
कोटवार और अपराधमुक्त ग्राम सम्मेलन
कार्यक्रम में जिले के कोटवारों का सम्मेलन आयोजित किया गया, जिसका उद्देश्य ग्रामीण सूचना तंत्र को मजबूत बनाना और पुलिस-जन संवाद को और प्रभावी करना था. साथ ही अपराधमुक्त ग्रामों के सरपंचों, पटेलों एवं ग्राम प्रतिनिधियों का सम्मेलन भी आयोजित किया गया, जिसमें उनके अनुभवों का साझा किया गया तथा सामुदायिक नेतृत्व को प्रोत्साहित किया गया.
प्रतियोगी परीक्षा अभ्यर्थी सम्मेलन
जिलेभर से आए प्रतियोगी परीक्षा अभ्यर्थियों के लिए प्रेरक सत्र, पुस्तक वितरण एवं कैरियर मार्गदर्शन कार्यक्रम आयोजित किए गए. विशेष रूप से लाखोली, चिखली, अटल आवास, डोंगरगढ़, सोमनी, डोंगरगांव एवं छुरिया क्षेत्र के विद्यार्थियों को इस पहल से जोड़ा गया, जो सीमित संसाधनों के बावजूद बड़े लक्ष्य लेकर आगे बढ़ रहे हैं.
यातायात मित्र सम्मेलन
जिले में बनाए गए 1000 से अधिक यातायात मित्रों में से लगभग 500 यातायात मित्र कार्यक्रम में शामिल हुए. इनमें पेट्रोल पंप संचालक, ई-रिक्शा चालक, ढाबा संचालक, मैकेनिक, फल एवं सब्जी विक्रेता तथा अन्य सड़क किनारे कार्यरत नागरिक शामिल हैं. ये सभी सड़क दुर्घटनाओं के दौरान ‘गोल्डन ऑवर’ में घायलों को अस्पताल पहुंचाने एवं पुलिस को तत्काल सूचना देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं.

111 गुड समैरिटन्स का सम्मान
कार्यक्रम में वर्ष 2025 के 111 गुड समैरिटन्स का सम्मान किया गया, जिन्होंने सड़क दुर्घटनाओं के दौरान तत्परता एवं मानवीय संवेदनशीलता का परिचय देते हुए अनेक लोगों का जीवन बचाने में महत्वपूर्ण योगदान दिया.
पहल” निःशुल्क कोचिंग संस्थान
राजनांदगांव पुलिस लाइन में प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहे विद्यार्थियों के लिए निःशुल्क कोचिंग की शुरुआत की जाएगी. प्रतिदिन प्रातः 7 बजे से 10 बजे तक संचालित होने वाली इस व्यवस्था में नव नियुक्त उप निरीक्षक एवं विषय विशेषज्ञ विद्यार्थियों को मार्गदर्शन देंगे.
“पहल” मेंटरशिप कार्यक्रम
जिले के विभिन्न थानों में पदस्थ अधिकारियों को विद्यार्थियों का मेंटर बनाया जाएगा. यह कार्यक्रम उन विद्यार्थियों को सहायता प्रदान करेगा जो तैयारी कर रहे हैं, तैयारी प्रारंभ करना चाहते हैं अथवा मार्गदर्शन एवं प्रेरणा की आवश्यकता महसूस करते हैं.
इस पहल का उद्देश्य शिक्षा और सामुदायिक पुलिसिंग को एक साथ जोड़कर ऐसे युवाओं को तैयार करना है जो अपने क्षेत्रों में सकारात्मक परिवर्तन के प्रेरक बन सकें. “पहल” केवल एक कार्यक्रम नहीं, बल्कि शिक्षा, सामुदायिक सहभागिता और जनविश्वास के माध्यम से सामाजिक परिवर्तन की दिशा में राजनांदगांव पुलिस का एक सतत प्रयास है.



