
25 अगस्त 2026 //
रायपुर न्यूज़ धमाका – रायपुर समेत देश के 11 एयरपोर्ट को PPP मॉडल पर 50 साल की लीज में निजी कंपनियों को सौंपने की तैयारी है। प्रस्ताव को सैद्धांतिक मंजूरी मिल चुकी है
छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर समेत देश के 11 हवाई अड्डों को सार्वजनिक-निजी भागीदारी (PPP) मॉडल के तहत निजी कंपनियों को सौंपने की तैयारी है। सरकार इन एयरपोर्ट्स को पांच समूहों में बांटकर 50 साल की लीज पर देने की योजना बना रही है। इस प्रस्ताव को सार्वजनिक-निजी भागीदारी मूल्यांकन समिति (PPPAC) से सैद्धांतिक मंजूरी भी मिल चुकी है।
नागर विमानन मंत्रालय के प्रस्ताव के मुताबिक, पांच बड़े हवाई अड्डों को छह छोटे एयरपोर्ट्स के साथ समूह बनाकर निजी भागीदारों को सौंपा जाएगा। प्रत्येक समूह में शामिल सभी एयरपोर्ट का संचालन एक ही कंपनी को देने का प्रस्ताव है।
रायपुर और औरंगाबाद एक समूह में
प्रस्तावित समूहों में रायपुर और औरंगाबाद एयरपोर्ट को एक साथ रखा गया है। इसके अलावा अमृतसर-कांगड़ा गग्गल, वाराणसी-गया-कुशीनगर, भुवनेश्वर-हुबली और तिरुचिरापल्ली-तिरुपति को अलग-अलग समूहों में शामिल किया गया है। सरकार का उद्देश्य एयरपोर्ट संचालन में निजी क्षेत्र की भागीदारी बढ़ाने के साथ-साथ बुनियादी ढांचे और यात्री सुविधाओं को बेहतर करना है।
8,622 करोड़ रुपये निवेश का अनुमान
दस्तावेज के अनुसार, इन 11 हवाई अड्डों का संचालन संभालने वाली निजी कंपनियों की ओर से करीब 8,622 करोड़ रुपये का निवेश किए जाने का अनुमान है। बाजार में अत्यधिक केंद्रीकरण और कर्ज से जुड़े जोखिमों को नियंत्रित करने के लिए एक ही बोलीदाता को दिए जाने वाले एयरपोर्ट समूहों की संख्या पर भी सीमा तय करने का प्रस्ताव है।
कर्मचारियों को लेकर भी प्रस्ताव
एयरपोर्ट्स के निजीकरण के बाद भारतीय विमानपत्तन प्राधिकरण (AAI) के मौजूदा कर्मचारियों को लेकर भी व्यवस्था प्रस्तावित की गई है। इसके तहत निजी कंपनी को AAI के कर्मचारियों के साथ एक साल की संयुक्त प्रबंधन अवधि रखनी होगी। इसके बाद ऑपरेटर कंपनी को कम से कम तीन साल तक AAI के 60 प्रतिशत कर्मचारियों को बनाए रखना होगा। इससे निजी संचालन शुरू होने के बाद मौजूदा कर्मचारियों की नौकरी और भूमिका को लेकर तत्काल बदलाव से बचने की व्यवस्था की जा रही है।



