
25 अगस्त 2026 //
बलौदाबाजार न्यूज़ धमाका – बलौदाबाजार में महिलाओं ने कलेक्टर कुलदीप शर्मा और पुलिस अधीक्षक गौरव राय को अपने हाथों से बनाई राखियां बांधकर रक्षाबंधन की शुभकामनाएं दीं
रक्षाबंधन के पर्व पर बलौदाबाजार में भाई-बहन के प्रेम के साथ महिला सशक्तिकरण और स्वावलंबन की अनूठी तस्वीर देखने को मिली। राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन से जुड़ी महिलाओं ने स्थानीय और रोजमर्रा की सामग्री से तैयार आकर्षक राखियों का स्टॉल लगाया। इस दौरान महिलाओं ने कलेक्टर कुलदीप शर्मा और पुलिस अधीक्षक गौरव राय को अपने हाथों से बनाई राखियां बांधकर रक्षाबंधन की शुभकामनाएं दीं।
घर में मौजूद सामग्री से तैयार कीं आकर्षक राखियां
महिलाओं ने दाल, चावल, सब्जियों के बीज, मोटे अनाज और अन्य स्थानीय सामग्रियों का रचनात्मक इस्तेमाल करते हुए अलग-अलग डिजाइन की राखियां तैयार कीं। इन राखियों की खासियत यह रही कि कम लागत वाली सामान्य सामग्री को महिलाओं ने अपनी कला और मेहनत से सुंदर हस्तनिर्मित उत्पाद में बदल दिया।
स्टॉल में दिखी महिलाओं की मेहनत और रचनात्मकता
राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन के स्टॉल पर विभिन्न प्रकार की राखियां लोगों के आकर्षण का केंद्र बनीं। राखियों के जरिए महिलाओं की मेहनत, हुनर और रचनात्मक सोच साफ नजर आई। यह पहल स्थानीय संसाधनों के बेहतर उपयोग के साथ ग्रामीण महिलाओं को आय का साधन उपलब्ध कराने की दिशा में भी महत्वपूर्ण मानी जा रही है।
कलेक्टर ने महिलाओं के प्रयास को सराहा
कलेक्टर कुलदीप शर्मा ने महिलाओं द्वारा तैयार राखियों की सराहना करते हुए कहा कि आजीविका मिशन से जुड़कर ग्रामीण महिलाएं लगातार आत्मनिर्भरता की ओर बढ़ रही हैं। उन्होंने कहा कि महिलाओं को आर्थिक रूप से मजबूत बनाने और उनके हुनर को बाजार से जोड़ने के लिए प्रशासन की ओर से लगातार सहयोग किया जाएगा। उन्होंने महिलाओं को नए उत्पाद तैयार करने और अपने कौशल को आगे बढ़ाने के लिए प्रोत्साहित किया।
महिलाओं की सुरक्षा को लेकर SP ने दिया भरोसा
पुलिस अधीक्षक गौरव राय ने भी महिलाओं को रक्षाबंधन की शुभकामनाएं दीं। उन्होंने कहा कि महिलाओं की सुरक्षा और सम्मान के लिए बलौदाबाजार पुलिस प्रतिबद्ध है और आगे भी पूरी संवेदनशीलता के साथ काम करती रहेगी।
राखियों में प्रेम के साथ आत्मनिर्भरता का संदेश
दाल, चावल और बीज जैसी साधारण सामग्रियों से बनी इन राखियों ने साबित किया कि हुनर और रचनात्मकता के जरिए स्थानीय संसाधनों को भी रोजगार के अवसर में बदला जा सकता है। इस रक्षाबंधन महिलाओं द्वारा तैयार राखियों में भाई-बहन के स्नेह के साथ महिला सशक्तिकरण, स्थानीय उत्पादों को बढ़ावा और आत्मनिर्भरता का संदेश भी देखने को मिला।



