
25 अगस्त 2026 //
आरंग न्यूज़ धमाका – चंदखुरी से राजा मोरध्वज की नगरी आरंग तक कैबिनेट मंत्री छत्तीसगढ़ शासन एवं युवराज गुरु खुशवंत साहेब जी के नेतृत्व में निकली तीन दिवसीय 71 किलोमीटर लंबी सामाजिक सद्भाव विशाल कांवड़ यात्रा का समापन हुआ
माता कौशल्या की पुण्यधरा चंदखुरी से राजा मोरध्वज की नगरी आरंग तक कैबिनेट मंत्री छत्तीसगढ़ शासन एवं युवराज गुरु खुशवंत साहेब जी के नेतृत्व में निकली तीन दिवसीय 71 किलोमीटर लंबी सामाजिक सद्भाव विशाल कांवड़ यात्रा का सोमवार को पंचमुखी महादेव मंदिर, आरंग में भव्य एवं गरिमामय समापन हुआ। धार्मिक आस्था, सामाजिक समरसता और सर्वसमाज की एकजुटता को एक सूत्र में पिरोने वाली इस यात्रा में हजारों कांवड़ियों के साथ बड़ी संख्या में विभिन्न समाजों के नागरिक, जनप्रतिनिधि, सामाजिक संगठन और सेवाभावी कार्यकर्ता शामिल हुए।
तीन दिनों तक चंदखुरी से आरंग तक निकली इस यात्रा ने केवल 71 किलोमीटर की दूरी तय नहीं की, बल्कि सामाजिक एकता, भाईचारे, परस्पर सम्मान और समरसता का एक व्यापक संदेश गांव-गांव और जन-जन तक पहुंचाया। यात्रा के दौरान लगातार “बोल रहा अब हिंदुस्तान, मनखे-मनखे एक समान” का जयघोष गूंजता रहा। बारिश, लंबी दूरी और कठिन परिस्थितियों के बावजूद कांवड़ियों का उत्साह लगातार बना रहा और पूरा यात्रा मार्ग सामाजिक सद्भाव के संदेश से सराबोर नजर आया।
मंत्री गुरु खुशवंत साहेब जी के नेतृत्व में धार्मिक आस्था से आगे बढ़ा सामाजिक सद्भाव का जनअभियान
सामाजिक सद्भाव विशाल कांवड़ यात्रा की सबसे बड़ी विशेषता यह रही कि इसके केंद्र में धार्मिक आस्था के साथ सर्वसमाज को जोड़ने और सामाजिक दूरियों को कम करने का संदेश रहा। कैबिनेट मंत्री एवं युवराज गुरु खुशवंत साहेब जी स्वयं पूरी यात्रा में कांवड़ियों के साथ कदम से कदम मिलाकर चलते रहे और यात्रा का नेतृत्व किया।
गुरु खुशवंत साहेब जी ने कहा कि सामाजिक सद्भाव विशाल कांवड़ यात्रा केवल धार्मिक आस्था की यात्रा नहीं, बल्कि सामाजिक एकता, समरसता और भाईचारे का जनअभियान है। इस यात्रा के माध्यम से समाज में व्याप्त भेदभाव और दूरियों को समाप्त कर प्रेम, अपनत्व और समानता की भावना को मजबूत करने का प्रयास किया गया है। ‘मनखे-मनखे एक समान’ का विचार ही समरस और मजबूत समाज की आधारशिला है यात्रा में जिस तरह सर्वसमाज के लोगों ने भागीदारी की और गांव-गांव में लोगों ने कांवड़ियों का स्वागत किया, वह इस बात का प्रमाण है कि सामाजिक सद्भाव और भाईचारे का संदेश हर वर्ग और हर समाज के बीच अपनी जगह बना रहा है। उन्होंने यात्रा को सफल बनाने वाले प्रत्येक कांवड़िए, ग्रामीण, सामाजिक संगठन, जनप्रतिनिधि, कार्यकर्ता और सेवाभावी नागरिक के प्रति आभार व्यक्त किया।

समोदा में संध्याकालीन कार्यक्रम बना यात्रा का विशेष आकर्षण, डॉ. रमन सिंह जी हुए शामिल
यात्रा के दूसरे दिन समोदा में आयोजित संध्याकालीन कार्यक्रम विशेष आकर्षण का केंद्र रहा। छत्तीसगढ़ के पूर्व मुख्यमंत्री एवं वर्तमान विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह जी इस कार्यक्रम में विशेष रूप से शामिल हुए। उनकी उपस्थिति ने कांवड़ियों और आयोजन से जुड़े लोगों का उत्साह बढ़ाया। समोदा में आयोजित सांस्कृतिक संध्या ने धार्मिक आस्था के साथ छत्तीसगढ़ की लोक संस्कृति और सामाजिक जुड़ाव को भी सामने रखा। बड़ी संख्या में ग्रामीणों, श्रद्धालुओं और सर्वसमाज के लोगों ने कार्यक्रम में सहभागिता की। यहां से सामाजिक सद्भाव का संदेश और अधिक व्यापक रूप से जनमानस तक पहुंचा। डॉ. रमन सिंह जी की मौजूदगी और गुरु खुशवंत साहेब जी के नेतृत्व में आगे बढ़ती यात्रा ने यह संदेश दिया कि धार्मिक आस्था और सामाजिक समरसता एक-दूसरे के पूरक बनकर समाज को जोड़ने का कार्य कर सकते हैं।
चंदखुरी से आरंग तक गांव-गांव में मिला अभूतपूर्व जनसमर्थन
यात्रा के प्रथम दिवस चंदखुरी से प्रारंभ होकर चंदखुरी फार्म, नगपुरा, मौली माता चौक, सकरी, अमेरी, टेकारी, डीघारी मोड़ होते हुए नारा पहुंची, जहां रात्रि विश्राम हुआ। नारा में आयोजित सांस्कृतिक संध्या में लोक कलाकारों की प्रस्तुतियों ने वातावरण को भक्तिमय एवं सांस्कृतिक रंग से भर दिया।
द्वितीय दिवस यात्रा नारा से भानसोज, जरोद मोड़, छतौना बस्ती, फरफौद, गुरेह्रा, परसकोल, गुमटा, कोसरंगी मोड़, बाना और बनरसी होते हुए समोदा पहुंची। पूरे मार्ग में ग्रामीणों ने कांवड़ियों का स्वागत किया।
अंतिम दिवस समोदा से आरंग की ओर बढ़े कांवड़ियों के कारवां का भी जगह-जगह आत्मीय स्वागत हुआ। ग्रामीणों ने पुष्पवर्षा, राउत नाचा, जसगायन और सेवा-सत्कार के माध्यम से कांवड़ियों का उत्साह बढ़ाया। गांवों में उमड़ा जनसमर्थन यात्रा के सामाजिक संदेश को व्यापक स्वीकार्यता मिलने का प्रमाण बना।
सर्वसमाज के बीच संबंधों को मजबूत करने का बना माध्यम
इस यात्रा की विशेष पहचान यह रही कि इसमें केवल एक समाज या वर्ग की भागीदारी नहीं रही, बल्कि सर्वसमाज के लोगों ने मिलकर यात्रा को अपना आयोजन बनाया। अलग-अलग समाजों के लोगों ने कांवड़ियों का स्वागत किया, सेवा की, जलपान कराया और यात्रा के उद्देश्य के साथ स्वयं को जोड़ा।
गुरु खुशवंत साहेब जी के नेतृत्व में निकली इस यात्रा ने यह संदेश मजबूत किया कि समाज की शक्ति उसकी एकता में है और एक-दूसरे के सुख-दुख में साथ खड़ा होना ही वास्तविक सामाजिक सद्भाव है। यात्रा के माध्यम से समाज और सर्वसमाज के बीच संवाद, आत्मीयता और परस्पर सम्मान की भावना को मजबूत करने का प्रयास किया गया। यात्रा के दौरान “मनखे-मनखे एक समान” का संदेश केवल नारों तक सीमित नहीं रहा, बल्कि गांव-गांव में लोगों की सहभागिता और आपसी भाईचारे के रूप में दिखाई दिया।
आरंग, मोरध्वज की नगरी में हुआ भव्य समापन
तीन दिवसीय यात्रा के अंतिम चरण में समोदा से कांवड़ियों का विशाल कारवां आरंग पहुंचा। पंचमुखी महादेव मंदिर, आरंग में भगवान भोलेनाथ की पूजा-अर्चना के साथ यात्रा का विधिवत समापन हुआ। मंदिर परिसर में बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं की मौजूदगी रही और पूरा वातावरण धार्मिक आस्था एवं सामाजिक सद्भाव के जयघोष से गूंज उठा। इस अवसर पर यात्रा में शामिल सभी कांवड़ियों का सम्मान किया गया। साथ ही आयोजन को सफल बनाने में प्रत्यक्ष एवं अप्रत्यक्ष रूप से सहयोग देने वाले सामाजिक संगठनों, ग्रामीणों, जनप्रतिनिधियों, सेवाभावी कार्यकर्ताओं, प्रशासनिक सहयोगियों एवं सर्वसमाज के नागरिकों का सम्मान कर उनके प्रति आभार व्यक्त किया गया।
आरंग से निकला संदेश प्रदेश से देश तक पहुंचाने का संकल्प
सामाजिक सद्भाव विशाल कांवड़ यात्रा ने आरंग की धरती से एक ऐसा संदेश दिया है, जिसकी आवश्यकता केवल एक क्षेत्र या प्रदेश तक सीमित नहीं है। “बोल रहा अब हिंदुस्तान, मनखे-मनखे एक समान” का संदेश सामाजिक भेदभाव से ऊपर उठकर आपसी प्रेम, समानता, सम्मान और भाईचारे की भावना को मजबूत करने का आह्वान करता है।
चंदखुरी से आरंग तक 71 किलोमीटर की इस यात्रा ने यह दिखाया कि जब धार्मिक आस्था के साथ सामाजिक सद्भाव का संकल्प जुड़ता है, तो समाज के विभिन्न वर्ग एक साथ आगे आ सकते हैं। गुरु खुशवंत साहेब जी के नेतृत्व में आयोजित इस यात्रा का उद्देश्य इसी भावना को आगे बढ़ाते हुए छत्तीसगढ़ सहित पूरे देश में सामाजिक एकता और समरसता का संदेश पहुंचाना है।
इस अवसर पर विधायक रोहित साहू, भाजपा जिला प्रभारी रायपुर ग्रामीण सुरेंद्र पाटनी, छत्तीसगढ़ चर्म शिल्पकार विकास बोर्ड के अध्यक्ष ध्रुव कुमार मिर्धा, छत्तीसगढ़ राज्य युवा आयोग के अध्यक्ष विश्व विजय सिंह तोमर, छत्तीसगढ़ राज्य गौ सेवा आयोग के उपाध्यक्ष राजीव लोचन दास महाराज, छत्तीसगढ़ आदिवासी स्थानीय स्वास्थ्य परंपरा एवं औषधीय पादप बोर्ड के उपाध्यक्ष अंजय शुक्ला, जिला पंचायत अध्यक्ष नवीन कुमार अग्रवाल सहित भाजपा पदाधिकारी, जनप्रतिनिधिगण, सामाजिक संगठनों के पदाधिकारी, सर्वसमाज के प्रतिनिधि, श्रद्धालु, ग्रामीण एवं बड़ी संख्या में गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे।



