
दंतेवाड़ा न्यूज धमाका – आदिम जाति कल्याण विभाग में करोड़ों रुपये के फर्जी टेंडर घोटाले का खुलासा हुआ है। पुलिस ने कार्रवाई करते हुए विभाग के सेवानिवृत्त सहायक आयुक्त के.एस. मसराम और वर्तमान सहायक आयुक्त डॉ. आनंद जी सिंह को गिरफ्तार कर लिया है। वहीं, शाखा लिपिक संजय कोड़ोपी फरार बताया जा रहा है।
ऐसे हुआ खुलासा
कलेक्टर कुणाल दुदावत के निर्देश पर हुई जांच में सामने आया कि वर्ष 2021 से लेकर अब तक 45 टेंडर फर्जी तरीके से निकाले गए। इन टेंडरों का न तो अखबारों में विज्ञापन दिया गया और न ही विभाग की वेबसाइट पर ऑनलाइन आवेदन मंगाए गए। टेंडरों की फाइल में फर्जी अखबार कटिंग लगाकर मनचाहे ठेकेदारों को काम दे दिया गया।
करोड़ों के निर्माण कार्यों में गड़बड़ी
इन फर्जी टेंडरों के जरिए लगभग 930 करोड़ रुपये से अधिक के निर्माण कार्यों का आवंटन किया गया। इसमें शामिल हैं –
- मुक्तिधाम निर्माण (भाग 1 से 11 तक) – ₹280.52 लाख
- सर्व आदिवासी भवन प्रथम तल निर्माण – ₹48.32 लाख
- माता रुकमणी आवासीय विद्यालय, दंतेवाड़ा (30 बिस्तरीय कन्या छात्रावास) – ₹89.79 लाख
- एकलव्य आवासीय विद्यालय, कुआकोण्डा (शेड निर्माण) – ₹11.30 लाख
- 100 सीटर कन्या आश्रम भवन, गाटम – ₹212 लाख
- 100 सीटर आदर्श बालक छात्रावास भवन, बालूद – ₹288.59 लाख
एफआईआर और धाराएँ
मामले में कलेक्टर की जांच रिपोर्ट के आधार पर वर्तमान सहायक आयुक्त राजू कुमार नाग ने कोतवाली थाने में शिकायत दर्ज कराई। इसके बाद पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ धारा 318(4), 338, 336(3), 340(2) और 61(2) के तहत मामला दर्ज किया।
आरोपी अफसरों का कार्यकाल
- के.एस. मसराम – 13 मार्च 2021 से 11 जून 2024 तक सहायक आयुक्त, दंतेवाड़ा
- डॉ. आनंद जी सिंह – जून 2024 से 30 अप्रैल 2025 तक सहायक आयुक्त, दंतेवाड़ा
- संजय कोड़ोपी (लिपिक) – वर्ष 2018 से पदस्थ, वर्तमान में फरार
पुलिस की कार्रवाई
पुलिस ने सेवानिवृत्त सहायक आयुक्त के.एस. मसराम को रायपुर से और वर्तमान सहायक आयुक्त डॉ. आनंद जी सिंह को जगदलपुर से गिरफ्तार किया है। वहीं फरार लिपिक संजय कोड़ोपी की तलाश की जा रही है।
