
गरियाबंद न्यूज धमाका – जिले की पुलिस ने सूने मकानों और दुकानों में चोरी की वारदात को अंजाम देने वाले एक शातिर चोर गिरोह का भंडाफोड़ किया है। पुलिस ने बाप-बेटे समेत कुल छह आरोपियों को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है। उनके कब्जे से 96 मोबाइल फोन, सोने-चांदी के जेवर और चोरी की रकम से खरीदी गई ब्रेजा कार जब्त की गई है।
एसपी निखिल राखेचा ने बताया कि गिरोह का सरगना सूरज बारीक (21 वर्ष) और उसका पिता भुवनेश्वर बारीक (39 वर्ष), दोनों ओडिशा के नवरंगपुर जिले के बारिगुडा के निवासी हैं। इनके साथ भूपेंद्र नेताम (20 वर्ष), उसका भाई लिंगराज नेताम (22 वर्ष), देवाशीष राउत रॉय (देवबंद) और प्रीत मिस्त्री (रायपुर परसदा) को भी गिरफ्तार किया गया है। सभी को न्यायिक अभिरक्षा में भेजा गया है।
पुलिस ने बताया कि इन आरोपियों के खिलाफ अमलीपदर थाना में एक और देवभोग थाना में तीन अपराध दर्ज थे। उन्होंने 31 मार्च से 14 अक्टूबर के बीच कई सूने मकानों और दुकानों में चोरी की घटनाओं को अंजाम दिया था। आरोपियों पर BNS की धारा 305, 331(4), 317 के तहत अपराध दर्ज किया गया।
बरामदगी:
- चोरी के 96 मोबाइल फोन (कीमत ₹12,10,400)
- लगभग ₹8 लाख के सोने–चांदी के जेवरात
- चोरी की रकम से खरीदी गई ब्रेजा कार और एक बाइक
कैसे पहुंची पुलिस आरोपियों तक:
14 अक्टूबर को गिरोह ने अमलीपदर की एक मोबाइल दुकान से 96 मोबाइल चोरी किए थे। कुछ मोबाइल देवबंद के व्यापारी को बेचे गए। 21 अक्टूबर को जब तीन चोरी के मोबाइल एक्टिव हुए, तो गरियाबंद साइबर सेल ने तकनीकी निगरानी के जरिए लोकेशन ट्रैक की। इसके बाद पुलिस ने देवभोग स्थित किराए के मकान में दबिश देकर मुख्य आरोपी भुवनेश्वर बारीक को पकड़ लिया और शेष मोबाइल बरामद किए।
जेवरात चोरी का खुलासा:
पूछताछ में आरोपियों ने देवभोग थाना क्षेत्र के सरकारी कर्मचारी शेष नारायण के मकान और उरमाल के दो ज्वेलरी शॉप्स में चोरी करने की बात स्वीकार की। पुलिस ने सीसीटीवी फुटेज और रिमांड पूछताछ के आधार पर रायपुर में दबिश दी और चोरी के दो किलो चांदी व सोने के गहने बरामद किए।
साइबर सेल, अमलीपदर और देवभोग पुलिस की संयुक्त कार्रवाई में इस गिरोह का पर्दाफाश हुआ है।
एसपी निखिल राखेचा ने बताया कि इस सफलता के बाद जिले में सक्रिय अन्य संदिग्ध गिरोहों पर भी पुलिस की निगरानी बढ़ा दी गई है।



