रायपुरछत्तीसगढ

नगर निगम विरोध में नगरीय प्रशासन विभाग घर-घर प्रॉपर्टी टैक्स वसूली के लिए हायर करेगी एजेंट

रायपुर न्यूज़ धमाका /// प्रदेश के छोटे-बड़े निकायों में अब बिलासपुर, दुर्ग-भिलाई की तर्ज पर प्रॉपर्टी टैक्स की वसूली का जिम्मा प्राइवेट एजेंसी को सौंपने की तैयारी है। ठेका कंपनी के नुमाइंदे घर-घर दस्तक देकर प्रॉपर्टी टैक्स वसूल करेंगे। नगरीय प्रशासन विभाग ने इसके लिए टेंडर निकाल दिया है। हालांकि निगम प्रशासन एक बार पहले भी नगरीय प्रशासन विभाग के इस प्रस्ताव को खारिज कर चुका है। निगम इसे फिजूल खर्ची मानता है।

नगरीय प्रशासन विभाग ने राज्य के छोटे-बड़े निकायों के लिए इसी सिस्टम के लिए फिर से टेंडर जारी किया है। निगम के दायरे में करीब 3.08 लाख मकान है। इनमें से 2 लाख 46 हजार मकानों से प्रॉपर्टी टैक्स मिल रहा है। निगम अफसरों का दावा है कि बमुश्किल 50 हजार मकानों से ही टैक्स या तो प्राप्त नहीं हो रहा है या बकाया है। बाकी मकानों से भी टैक्स वसूली के प्रयास किए जा रहे हैं।

करीब छह महीने पहले मेयर इन काउंसिल की बैठक में निर्णय लिया गया था कि लोगों को संपत्तिकर सुधारने के लिए स्व विवरणी फार्म दिया जाएगा। उसके बाद लोग अपने टैक्स का निर्धारण खुद कर सकेंगे। इस फॉर्म को भरकर वे जोन दफ्तरों में जमा करेंगे। इस तरह निर्धारित टैक्स ही लोगों को देना होगा।

रायपुर महापौर एजाज ढेबर का कहना है कि रायपुर नगर निगम संपत्तिकर वसूलने में सक्षम है। हर साल संपत्तिकर में न्यूनतम 10 फीसदी की वृद्धि हो रही है। कुल राजस्व भी पिछले साल 229.50 करोड़ वसूला गया था। यह 2019-20 की तुलना में आठ करोड़ से अधिक है। इसलिए निजी एजेंसियों की जरूरत ही नहीं है। यदि निजी एजेंसी को हायर किया जाता है तो हमारा खर्च बढ़ेगा। नगरीय प्रशासन विभाग एजेंसी नियुक्त देगी, लेकिन भुगतान तो निगम को ही करना पड़ेगा।

नगर निगम प्रशासन का तर्क है कि यहां लोग खुद ही प्रॉपर्टी टैक्स अदा करते हैं। निगम का राजस्व अमला इसके लिए सक्षम है। यही वजह है कि यहां हर साल राजस्व में बढ़ोतरी भी हो रही है। उस समय ये भी तर्क दिया गया था कि जब निगम टैक्स वसूली में सक्षम है तो प्राइवेट एजेंसी को जिम्मेदारी सौंपना फिजूल खर्ची होगी। अनावश्यक ही एजेंसी को करोड़ों बतौर कमीशन देना होगा। इसी आधार पर पिछले प्रस्ताव को खारिज किया गया था।

इसके बाद भी नगरीय निकाय पिछले कुछ महीनों से लगातार टेंडर जारी कर रहा है। टेंडर में एक भी कंपनी ने हिस्सा नहीं लिया। इस वजह से अब 27 नवंबर 2021 को नया टेंडर निकाल दिया गया है। नए टेंडर के अनुसार ठेका लेने के लिए इच्छुक कंपनियां 8 दिसंबर तक टेंडर सबमिट कर सकती हैं। उसके बाद किसी का टेंडर स्वीकार नहीं किया जाएगा।

Chhattisgarh News Dhamaka Team

अमन चीफ एडिटर - छत्तीसगढ़ न्यूज़ धमाका // प्रदेश उपाध्यक्ष, छग जर्नलिस्ट वेलफेयर यूनियन छत्तीसगढ // ; हरिभूमि ब्यूरो चीफ जिला कोंडागांव // 18 सालो से पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय। विश्वसनीय, सृजनात्मक व सकारात्मक पत्रकारिता में विशेष रूचि। कृषि, वन, शिक्षा; जन जागरूकता के क्षेत्र की खबरों को हमेशा प्राथमिकता। जनहित के समाचारों के लिये तत्परता व् समर्पण// जरूरतमंद अनजाने की भी मदद कर देना पहली प्राथमिकता

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