
रायपुर न्यूज़ धमाका /// नवंबर में सात दिन बारिश हो चुकी है। बारिश से सबसे ज्यादा नुकसान धान को है और वर्तमान में जिले में धान की कटाई व मिंजाई का काम चल रहा है। इस बार जिले में करीब 1.30 लाख हेक्टेयर में फसल है। इसमें से करीब 30 हजार हेक्टेयर धान फसल की कटाई नहीं हुई है। ऐसी फसलों को सीधे तौर पर नुकसान है। इसके अलावा जिले में धान कटाई के बाद फसल खेत में रखी हुई है।
इन फसलों को नुकसान होना तय है। तापमान में कोई विशेष बदलाव नहीं: मौसम विभाग के अनुसार चक्रीय चक्रवात के प्रभाव से इन दिनों प्रदेश में काफी मात्रा में नमी आ रही है। इसके प्रभाव से आने वाले दिनों में कुछ क्षेत्रों में हल्की बारिश होने या गरज-चमक के साथ छींटे पड़ने की संभावना है। साथ ही अधिकतम व न्यूनतम तापमान में कोई विशेष बदलाव नहीं होगा। एक-दो दिनों में मौसम सामान्य होगा और बादल छंटेंगे।
खैरागढ़ इलाके में सोमवार सुबह हुई बारिश ने किसानों की परेशानी बढ़ा दी है। सोमवार को हुई बारिश से खेत और खलिहानों में पकी और रखी धान की फसलों को बड़े पैमाने पर नुकसान की आशंका है। खेतों में काट कर रखे धान बारिश के पानी भरने से डूब गए हैं, तो काटने की तैयारी भी खेतों में पानी भरने के चलते अटक गई है। बारिश से धान के खराब होने की आशंका बढ़ गई है। इससे किसानों की मुसीबतें भी बढ़ रही है। धान खरीदी के लिए अभी भी सप्ताह भर का समय है

