
रायपुर न्यूज धमाका – छत्तीसगढ़ के दुर्ग जिले के पाटन ब्लॉक के खम्हरिया गांव में उस वक्त सनसनी फैल गई जब गांव के दो अलग-अलग किसानों के कुओं से दो बच्चों के सड़ी-गली हालत में शव बरामद हुए। शवों की स्थिति और हाथ-पैर बंधे होने के कारण प्रथम दृष्टया यह मामला हत्या का प्रतीत हो रहा है। पुलिस ने मर्ग कायम कर जांच शुरू कर दी है और फोरेंसिक टीम को भी मौके पर बुला लिया गया है।
दुर्गंध से हुआ खुलासा, ग्रामीणों ने दी सूचना
घटना का खुलासा तब हुआ जब ग्रामीणों ने दो कुओं से लगातार दुर्गंध आने की शिकायत की। सूचना पर अमलेश्वर थाना पुलिस मौके पर पहुंची और ग्रामीणों की मदद से दोनों शवों को बाहर निकाला गया। शवों की हालत देखकर पुलिस और ग्रामीणों के होश उड़ गए।
शवों की स्थिति देखकर अंदाज़ा लगाया जा रहा है कि हत्या करीब चार दिन पहले की गई होगी। दोनों बच्चों की उम्र क्रमशः 10 और 12 वर्ष के आसपास बताई जा रही है, लेकिन अभी तक उनकी शिनाख्त नहीं हो पाई है।
हत्या की आशंका: बंधे थे हाथ-पैर
पुलिस सूत्रों के अनुसार, दोनों बच्चों के हाथ-पैर कपड़ों से कसकर बंधे हुए थे, जिससे यह साफ तौर पर हत्या का मामला प्रतीत होता है। बच्चों को मारकर कुएं में फेंक दिया गया या हत्या से पहले ही कुएं में डुबोया गया – इसका खुलासा पोस्टमार्टम रिपोर्ट और फोरेंसिक जांच के बाद होगा।
फोरेंसिक जांच और डॉग स्क्वॉड की मदद ली जा रही
अमलेश्वर थाना प्रभारी ने पुष्टि की है कि मामले की गंभीरता को देखते हुए फोरेंसिक टीम, डॉग स्क्वॉड, और क्राइम ब्रांच की सहायता से पूरे घटनास्थल की बारीकी से जांच की जा रही है। आसपास के गांवों में गुमशुदा बच्चों की रिपोर्टों की भी जांच की जा रही है ताकि शवों की पहचान हो सके।
गांव में पसरा मातम, लोग सहमे
घटना के बाद से खम्हरिया गांव में मातम और भय का माहौल है। बच्चों की नृशंस हत्या की आशंका ने अभिभावकों और ग्रामीणों को झकझोर कर रख दिया है। कई लोग अपनी सुरक्षा को लेकर चिंतित हैं।
पुलिस का बयान
“प्रथम दृष्टया मामला हत्या का लग रहा है। बच्चों की पहचान और मौत के कारणों का पता लगाने फोरेंसिक जांच जारी है। अपराधियों की तलाश के लिए टीमें गठित कर दी गई हैं।”
— थाना प्रभारी, अमलेश्वर
यह मामला न केवल न्याय व्यवस्था और पुलिस के लिए चुनौती बनकर सामने आया है, बल्कि समाज को यह सोचने पर मजबूर करता है कि बचपन तक आज कितनी असुरक्षित स्थिति में पहुंच चुका है।



