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धसगुड़ जलप्रपात में बड़ा हादसा: 60 फीट नीचे गिरा नाबालिग, सुरक्षा व्यवस्था नदारद

Other youth saving the minor

बलौदाबाजार न्यूज धमाका – छत्तीसगढ़ के बलौदाबाजार जिले में स्थित धसगुड़ जलप्रपात में रविवार को एक बड़ा हादसा हो गया। सिरपुर रोड पर स्थित इस प्रसिद्ध जलप्रपात में घूमने पहुंचे तीन किशोरों में से एक, निखिल साहू (निवासी – छेरकापुर, पलारी विकासखंड) करीब 60 फीट ऊंचाई से नीचे गिर गया, जिससे उसके शरीर की चार हड्डियाँ टूट गईं। घायल किशोर का इलाज बलौदाबाजार के एक निजी अस्पताल में जारी है, जहां उसकी हालत अब खतरे से बाहर बताई जा रही है।

बिना सुरक्षा के मौत को न्योता

स्थानीय प्रशासन की लापरवाही इस घटना की सबसे बड़ी वजह मानी जा रही है। धसगुड़ जलप्रपात पर सुरक्षा के कोई इंतजाम नहीं हैं – न तो बैरिकेडिंग, न ही चेतावनी बोर्ड और न ही कोई गार्ड। बरसात के मौसम में इन जलप्रपातों पर सैलानियों की भीड़ उमड़ती है, लेकिन प्रशासनिक उदासीनता अब जानलेवा साबित हो रही है।

सेल्फी लेते समय फिसला किशोर?

प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, हादसा सेल्फी लेने के दौरान फिसलने से हुआ हो सकता है, लेकिन इसकी आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है। निखिल के साथ मौजूद दोस्तों ने उसे बचाने की कोशिश की और तत्काल अस्पताल पहुंचाया गया।

गजपल्ला हादसे के बाद भी नहीं चेता प्रशासन

गौरतलब है कि 17 जुलाई को गजपल्ला जलप्रपात (गिरियाबंद जिला) में रायपुर की एक युवती महविश खान की डूबने से मौत हो गई थी। उस हादसे के बाद प्रशासन ने गजपल्ला और चिंगरापगार जैसे प्रमुख जलप्रपातों को अस्थायी रूप से बंद कर दिया था, और वहां सुरक्षा बल तैनात कर दिए गए थे। लेकिन धसगुड़ जलप्रपात में ऐसा कोई कदम नहीं उठाया गया, जिससे यह साफ है कि प्रशासनिक चेतावनी सीमित स्थानों तक ही सिमट कर रह गई है।

सैलानी मायूस, हादसों का सिलसिला जारी

प्राकृतिक सौंदर्य के लिए प्रसिद्ध छत्तीसगढ़ के जलप्रपातों में हर साल हजारों सैलानी पहुंचते हैं, लेकिन बिना सुरक्षा उपायों के ये स्थल खतरे का केंद्र बनते जा रहे हैं। गजपल्ला की घटना के बाद भी जब धसगुड़ जैसे जलप्रपात में हादसे हो रहे हैं, तो यह बताता है कि स्थायी समाधान अब भी नहीं खोजा गया है।


मांग: सुरक्षा इंतजाम और जिम्मेदार निगरानी

स्थानीय नागरिकों और पर्यटकों ने प्रशासन से मांग की है कि:

  • जलप्रपातों पर स्थायी बैरिकेडिंग, चेतावनी बोर्ड और गार्ड की तैनाती की जाए।
  • डेंजर ज़ोन चिन्हित किए जाएं।
  • बारिश के मौसम में पर्यटन स्थलों की निगरानी बढ़ाई जाए।
  • जनजागरूकता अभियान चलाया जाए ताकि युवा बिना जोखिम के प्राकृतिक स्थलों का आनंद ले सकें।

Chhattisgarh News Dhamaka Team

अमन चीफ एडिटर - छत्तीसगढ़ न्यूज़ धमाका // प्रदेश उपाध्यक्ष, छग जर्नलिस्ट वेलफेयर यूनियन छत्तीसगढ // ; हरिभूमि ब्यूरो चीफ जिला कोंडागांव // 18 सालो से पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय। विश्वसनीय, सृजनात्मक व सकारात्मक पत्रकारिता में विशेष रूचि। कृषि, वन, शिक्षा; जन जागरूकता के क्षेत्र की खबरों को हमेशा प्राथमिकता। जनहित के समाचारों के लिये तत्परता व् समर्पण// जरूरतमंद अनजाने की भी मदद कर देना पहली प्राथमिकता

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