
कोरबा न्यूज धमाका – छत्तीसगढ़ के कोरबा जिले में दिल दहला देने वाली एक वारदात सामने आई है। पंचायत सचिव सुषमा खुसरो की हत्या के मामले में उसका पति ही हत्यारा निकला। पुलिस जांच में सामने आया कि गर्भवती पत्नी से बच्चे को लेकर हुए विवाद में पति ने गला घोंटकर उसकी हत्या की और फिर शव को जलाने का प्रयास किया। आरोपी ने दोस्तों के साथ मिलकर चुपचाप अंतिम संस्कार कर दिया।
घटना का स्थान और पृष्ठभूमि
यह घटना कोरबा जिले के पोड़ी उपरोड़ा विकासखंड की है। मृतका 22 वर्षीय सुषमा खुसरो, बांगो पंचायत में सचिव के पद पर कार्यरत थी। उसकी अधजली लाश जिला जेल के पीछे हाउसिंग बोर्ड कॉलोनी में मिली थी। पुलिस को सूचना मिलते ही फॉरेंसिक टीम के साथ मौके पर पहुंच कर जांच शुरू की गई।
लव मैरिज से हत्या तक का सफर
जानकारी के अनुसार, सुषमा और उसका पति अभिनेक लदेर दोनों पंचायत सचिव के पद पर अनुकंपा नियुक्ति पर पदस्थ थे। दोनों की मुलाकात ट्रेनिंग के दौरान हुई थी। पहले दोस्ती हुई और फिर प्रेम-प्रसंग में बदल गई। करीब दो साल पहले दोनों ने लव मैरिज की थी। शादी के बाद दोनों कोरबा के हाउसिंग बोर्ड कॉलोनी में किराए के मकान में रह रहे थे, और परिजनों को इसकी जानकारी नहीं दी गई थी।
एक महीने की गर्भवती थी सुषमा
कोरबा के सीएसपी भूषण एक्का ने बताया कि पुलिस अधीक्षक के निर्देश पर पांच टीमों का गठन किया गया था। 65 सीसीटीवी फुटेज खंगाले गए और कई संदिग्धों से पूछताछ की गई। जांच में यह बात सामने आई कि सुषमा एक माह की गर्भवती थी। पति-पत्नी के बीच बच्चा रखने या अबॉर्शन को लेकर लगातार विवाद हो रहा था। इसी के चलते आरोपी पति ने गला घोंटकर उसकी हत्या कर दी और फिर शव को जलाकर साक्ष्य मिटाने की कोशिश की।
माँ ने शव ले जाने से किया इनकार, दोस्तों संग किया अंतिम संस्कार
हत्या के बाद सुषमा की मां ने शव को लेने से इनकार कर दिया, जिसके बाद आरोपी पति ने अपने दोस्तों के साथ मिलकर शव का अंतिम संस्कार कर दिया। पुलिस अब हत्याकांड में शामिल अन्य आरोपियों की भी भूमिका की जांच कर रही है।
जांच जारी, न्याय की मांग
इस नृशंस हत्या ने जिले में चौंकाने वाली प्रतिक्रिया पैदा की है। एक ओर जहां लव मैरिज को लेकर समाज में खुलापन बढ़ रहा है, वहीं ऐसे मामलों में विश्वासघात और हिंसा की घटनाएं भी चिंता बढ़ा रही हैं। पुलिस अब आरोपी पति के खिलाफ हत्या, साक्ष्य छुपाने और साजिश रचने की धाराओं में केस दर्ज कर आगे की कार्रवाई कर रही है।
निष्कर्ष
जहाँ प्यार से शुरू हुआ रिश्ता शादी तक पहुंचा, वही रिश्ता अंत में हिंसा और हत्या में तब्दील हो गया। यह घटना न केवल पारिवारिक संवाद की कमी को उजागर करती है, बल्कि यह भी बताती है कि निजी जीवन में उठाए गए फैसलों में पारदर्शिता और समझदारी कितनी आवश्यक है।
