मुंबई

IIT के प्रोफ़ेसर ने बनाया ‘ सोलर दीया ‘ , जो कभी नहीं बुझेगा

मुंबई न्यूज़ धमाका /// ऊर्जा के वैकल्पिक खोत की तलाश में जुटी दुनिया को इस दीपावली आईआईटी बॉम्बे के एक प्रोफेसर ने सौर ऊर्जा से संचालित होने वाले दीपक की सौगात दी है । पूरी तरह पर्यावरण अनुकूल यह दीपक सूरज की किरणों से जलेगा आईआईटी बॉम्बे के प्रोफ़ेसर चेतन सिंह सोलंकी पहले भी सौर ऊर्जा क्षेत्र में कई अविष्कार कर चुके हैं । इस क्षेत्र में उनको महारत हासिल है । उनकी इस खोज के पर्यावरण को सुरक्षित रखा जा सकता है । आज कई लोग जलवायु परिवर्तिन को मनगढ़ंत बता देते हैं . गौरतलब है कि इसके सुबूत रोजाना मिलते हैं । ऐसे में टिकाऊ उपाय ही हमें बचा सकते हैं । जरिए प्रोफेसर सोलको द्वारा बनाया गया 250 रुपये में एक दीया सोलर दिया energyswaraj.com पर खरीदा जा सकता है ।

एक लोगों दीपक की कीमत सिर्फ 250 रुपये है । प्रोफसर खेलकी ने बताया , को जागरूक करने के साथ ही हमारी कोशिश थी कि इस दिये से कुछ लोगों की कमाई हो । हमने कुछ महिलाओं को ट्रेनिंग दी है और वो अभी ये दीया बना रही हैं । सोलर गांधी से पहचान जिला बड़वानी , मध्य प्रदेश के प्रोफेसर सोलकी ने आईआआईटी से मास्टर्स किया है । वे टेक्सास इंस्ट्रूमेंट्स देगलुरू में काम कर रहे थे और इसी दौरान उन्हें सोलर डिवाइसेज बनाने में रुचि हुई । प्रोफेसर सोलकी को भारत में सोलर मैन ऑफ इंडिया और सोलर गांधी के नाम से भी जाना जाता है । प्रो . सोलकी के विकसित किए गए दीये का बाहरी हिस्सा प्लास्टिक से बना है और उसके ऊपर एक सॉलिड पैनल है ये पैनल लाइट को इलेवट्रिसिटी में बदलता है जो एक बैटरी में स्टोर होती है । दिये के अंदर लगाया गया छोटा सा सर्किट ऊर्जा को लाइट में बदल देता है । सोलर पैनल अपने आप में एक लाइट सेंसर भी है । अंधेरे में बीया अपने आप जल उठता है . रौशनी में अपने आप बंद हो जाता है और पाजिंग मोड में चला जाता है । दीपक का बाहरी हिस्सा प्लास्टिक से बना है और प्रोफेसर सोलको प्लास्टिक की जगह कोई और मैटेरियल से दिया बनाने पर काम कर रहे हैं ।

Chhattisgarh News Dhamaka Team

अमन चीफ एडिटर - छत्तीसगढ़ न्यूज़ धमाका // प्रदेश उपाध्यक्ष, छग जर्नलिस्ट वेलफेयर यूनियन छत्तीसगढ // ; हरिभूमि ब्यूरो चीफ जिला कोंडागांव // 18 सालो से पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय। विश्वसनीय, सृजनात्मक व सकारात्मक पत्रकारिता में विशेष रूचि। कृषि, वन, शिक्षा; जन जागरूकता के क्षेत्र की खबरों को हमेशा प्राथमिकता। जनहित के समाचारों के लिये तत्परता व् समर्पण// जरूरतमंद अनजाने की भी मदद कर देना पहली प्राथमिकता

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