09 अगस्त 2026 //
भाटापारा न्यूज़ धमाका – भाटापारा में लगातार बारिश से 33 वार्डों में जलभराव के हालात हैं। कई घरों में पानी घुस गया, शांतिनगर में मकान की दीवार ढह गई।
लगातार बारिश के बाद भाटापारा शहर के हालात बद से बदतर होते जा रहे हैं। शहर की गलियां घुटने तक पानी में डूबी हुई हैं और कई घरों में पानी घुसने से लोगों की जिंदगी मुश्किल हो गई है। हालात इतने बिगड़ चुके हैं कि कई परिवारों को अपने घर छोड़कर सुरक्षित ऊपरी हिस्सों में रात गुजारनी पड़ी। भाटापारा के शांतिनगर में एक मकान की दीवार ढहने से लोगों में दहशत का माहौल है। गनीमत रही कि, इस घटना में किसी बड़ी जनहानि की सूचना नहीं है। लेकिन लगातार जलभराव और कमजोर होते मकानों के बीच लोगों की चिंता लगातार बढ़ रही है।
33 वार्डों की जिम्मेदारी, पानी निकालने के लिए सिर्फ दो बोर मशीन
भाटापारा नगर पालिका परिषद के अंतर्गत 33 वार्ड आते हैं और शहर के कई वार्ड जलभराव की चपेट में बताए जा रहे हैं। ऐसे में सबसे बड़ा सवाल यह है कि जब शहर के इतने बड़े हिस्से में पानी भर गया है, तो प्रशासन के पास पानी निकासी के लिए पर्याप्त इंतजाम क्यों नहीं हैं? भाटापारा तहसीलदार से फोन पर संपर्क करने पर उन्होंने बताया कि पानी निकासी के लिए दो बोर मशीनों का उपयोग किया जा रहा है।
दो बोर मशीनों से कैसे निकलेगा पूरे शहर का पानी
इसके साथ ही नगर पालिका सीएमओ से चर्चा कर पानी निकासी के लिए और व्यवस्था कराने की बात कही गई। लेकिन सवाल अब भी वही है कि, जब शहर के कई वार्ड पानी में डूबे हैं, तो महज दो बोर मशीनों से आखिर कितने घरों और कितनी गलियों का पानी निकलेगा? सबसे गंभीर बात यह रही कि, जब जलभराव की स्थिति और लोगों की परेशानी को लेकर भाटापारा एसडीएम से मोबाइल पर संपर्क करने का प्रयास किया गया, तो कॉल रिसीव नहीं किया गया
घरों में पानी, दीवारें ढहीं… फिर भी जिम्मेदार अफसरों से संपर्क नहीं
वहीं जिला कलेक्टर से भी फोन के माध्यम से संपर्क करने की कोशिश की गई, लेकिन वहां से भी कोई जवाब नहीं मिला। ऐसे में बारिश के बीच परेशान जनता के मन में यह सवाल उठना लाजिमी है कि, जब लोगों के घरों में पानी घुस रहा हो, परिवार रातभर सुरक्षित जगह की तलाश में हों और मकानों की दीवारें ढह रही हों, तब जिम्मेदार अधिकारी आखिर कहां हैं?
जमीन पर दिखे व्यवस्था
भाटापारा के लोग अब प्रशासन से सिर्फ आश्वासन नहीं, बल्कि तत्काल और प्रभावी जल निकासी व्यवस्था की मांग कर रहे हैं। प्रभावित इलाकों में पर्याप्त मोटर पंप, बोर मशीनें और आपदा राहत दल लगाए जाने की जरूरत है
33 वार्डों में जलभराव, दो बोर मशीनों के भरोसे निकासी
बारिश के इस संकट ने नगर पालिका और प्रशासन की तैयारियों पर भी गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। 33 वार्डों वाले शहर में अगर जल निकासी के लिए केवल दो बोर मशीनों का सहारा है, तो यह व्यवस्था की कमी है या आपदा प्रबंधन की अनदेखी? फिलहाल भाटापारा की जनता पानी के बीच खड़ी है और प्रशासन से एक ही सवाल पूछ रही है। साहब, पानी कब निकलेगा और हमारी सुध कब ली जाएगी


