
रायपुर,न्यूज़ धमाका:-छत्तीसगढ़ शासन सामान्य प्रशासन विभाग ने आज एक आदेश जारी कर प्रदेश में कार्यरत अखिल भारतीय सेवाओं के सभी संवर्ग के अफसरों को महंगाई भत्ते की वृद्धि की दर केन्द्र की देय तिथियों पर करते हुए 01 जुलाई 2021 को महंगाई भत्ता 28 प्रतिशत से 31 प्रतिशत की अन्तर राशि की एरियर्स का भुगतान करने का आदेश जारी कर दिया है
वही राज्य शासन ने छत्तीसगढ़ के कर्मचारियों को पिछले दिनों 5 प्रतिशत डी.ए. का आदेश जारी किया वह भी मई 2022 से। महंगाई भत्ता संघर्ष मोर्चा के अनिल शुक्ला ओ.पी. शर्मा रोहित तिवारी, करन सिंह आटेरिया, संजय तिवारी आदि संचालक सदस्यों ने सरकार के इस तरह निर्णय को अन्याय की पराकाष्ठा बनाते हुए इसकी तीव्र आलोचना करते हुए 17 प्रतिशत डी.ए. नियत तिथि से एरियर्स सहित दिये जाने की मांग की है।
मोर्चा के संचालक सदस्य एवं लिपिक वर्गीय कर्मचारी संघ के अध्यक्ष रोहित तिवारी, चतुर्थ श्रेणी के.पी.आर. साहू ने छत्तीसगढ़िया मूल संवर्ग के कर्मचारियों के साथ अन्याय का आरोप लगाते हुए कहा कि एक ओर चतुर्थ एवं तृतीय श्रेणी के कर्मचारियों के महंगाई भत्ते समेत एरियर्स पर सरकार डकैती डाल रही है, वही अफसरों को मालामाल करने में कोई कोताही नहीं बरत रही।
अधिकारी कर्मचारी महासंघ के प्रवक्ता संजय तिवारी ने कहा कि राज्य शासन ने छत्तीसगढ़ के अपने कर्मचारियों को महंगाई भत्ता नियत तिथि से न देकर तथा एरियर्स से वंचित कर लगभग 18,530 करोड़ रूपये की चपत लगा चुकी है, मोर्चा ने यही भी कहा है राज्य सरकार का प्रत्येक महंगाई भत्ते सम्बन्धी आदेश कर्मचारियों में विभेद पैदा करने लगा है,
मसलन राज्य में कार्यरत अखिल भारतीय सेवा के कर्मचारियों को 31 प्रतिशत महंगाई भत्ता एरियर्स सहित बिजली; विभाग के कर्मचारियों को 34 प्रतिशत डी.ए. नियत तिथि पर; राज्य के छत्तीसगढ़िया कर्मचारियों को 22 प्रतिशत डी.ए. बिना एरियर्स के तथा छत्तीसगढ़ के पेंशनयों को 17% डी ऐ मिलने लगा है,
मजे की बात यह है कि यह चार प्रकार का डी ऐ छत्तीसगढ़ के राजकोष से दिया जा रहा है ।प्रदेश अधिकारी कर्मचारी संघ के प्रांताधयक्ष करन सिंह अटेरिया द्वारा अवगत कराया गया है कि शासन की इस दमनकारी नीतियों के खिलाफ मंहगाई भत्ता संघर्ष मोर्चा के आव्हान पर दिल्ली में माह जून में धरना प्रदर्शन किया जायेगा ।
