
उत्तरप्रदेश न्यूज़ धमाका ///आने वाले साल में उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनावहोने है। इसी के मद्देनजर सभी राजनीतिक दल वोटरों को अपनी ओर आकर्षित करने के लिए बड़े वादे कर रहे है। इसी कड़ी में कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी वाड्रा ने बुधवार को महिलाओं के लिए एक अलग घोषणा पत्र जारी किया है। शक्ति विधान के नाम से जारी इस घोषणापत्र में सरकारी नौकरियों में 40 फीसदी आरक्षण के साथ ही महिलाओं के स्वाभिमान, स्वावलंबन, शिक्षा, सम्मान, सुरक्षा और स्वास्थ्य के लिए कई अहम घोषणाएं की गई हैं।
उन्होंने इस मौके पर मीडिया को संबोधित करते हुए प्रियंका ने कहा कि कांग्रेस पार्टी ने देश को पहली महिला प्रधानमंत्री दिया। अब यह आवश्यक है कि महिलाओं को भी राजनीति में हिस्सा दिया जाए। यह काम कांग्रेस पार्टी करेगी। उन्होंने कहा कि कांग्रेस ने 40 फीसदी सीटों पर महिला उम्मीदवार उतारने का फैसला किया है। उन्होंने आशा व्यक्त की कि एक दिन संसद और विधानसभाओं में महिलाओं की 50 प्रतिशत हिस्सेदारी होगी।
प्रियंका गांधी ने कहा कि वर्तमान में केवल 9.4 प्रतिशत महिलाएं ही काम कर रही हैं। महिलाओं के लिए 40 फीसदी आरक्षण का मतलब है कि अगर कांग्रेस 20 लाख नौकरियां देती है तो आठ लाख नौकरियां महिलाओं के लिए होंगी। इसके अलावा व्यापारिक प्रतिष्ठान-महिलाओं को अपने संस्थानों में 50 प्रतिशत पदों पर अवसर देने वाली संस्थाओं को टैक्स में छूट दी जाएगी।
ग्रामीण क्षेत्रों में महिला सशक्तिकरण के उद्देश्य से आंगनबाडी कार्यकर्ताओं का मानदेय 10,000 रुपये प्रतिमाह होगा। 50 प्रतिशत राशन की दुकानों का प्रबंधन व संचालन महिलाओं को दिया जाएगा। लड़कियों को शिक्षा के क्षेत्र में आगे ले जाने के लिए बारहवीं कक्षा की छात्राओं को स्मार्ट फोन दिए जाएंगे। कोरोना काल में छात्राओं की शिक्षा के लिए सबसे बड़ी समस्या स्मार्ट फोन की थी।
स्मार्ट फोन आज शिक्षा और सुरक्षा दोनों का माध्यम हैं। उन्होंने कहा कि कांग्रेस स्नातक स्तर के प्रत्येक छात्र को स्कूटी देने की घोषणा पहले ही कर चुकी है।प्रदेश में दिग्गजों के नाम पर 75 स्कूल बनाए जाएंगे। संध्या स्कूल बनाए जाएंगे जहां महिलाएं आकर अपनी सुविधा के अनुसार शिक्षा प्राप्त कर सकें।
वहां सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए जाएंगे। लड़कियों की शिक्षा को लेकर केंद्र और राज्य सरकार को घेरते हुए प्रियंका गांधी ने आरोप लगाया कि 2014 के बाद से शिक्षा के बजट में लगातार कटौती की जा रही है। उन्होंने केंद्र सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि ‘बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ’ अभियान के बजट का 60 फीसदी हिस्सा सिर्फ विज्ञापन पर खर्च किया गया। सरकार ने केवल इसके विज्ञापन पर ध्यान दिया। लड़कियों और महिलाओं को पार्टनर बनाने की कोशिश नहीं की।




